Delhi Govt Schools: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्य पदों की भारी कमी सामने आई है। यूपीएससी के एक हालिया भर्ती विज्ञापन के अनुसार, दिल्ली सरकार के स्कूलों में इन दोनों पदों के कुल 828 पद रिक्त हैं। यह स्थिति तब है जब शिक्षा निदेशालय राज्य में करीब 1,090 सरकारी स्कूलों का संचालन करता है।
UPSC: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के हालिया भर्ती विज्ञापन के मुताबिक, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के 828 पद खाली हैं। वहीं, शिक्षा निदेशालय (DoE) दिल्ली में करीब 1,090 सरकारी स्कूलों का संचालन करता है।
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शुक्रवार को DoE द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार, सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल के लिए 124 और वाइस-प्रिंसिपल के लिए 704 पद खाली हैं, जिससे सीधी भर्ती के जरिए भरे जाने वाले कुल पदों की संख्या 828 हो गई है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार में 124 प्रिंसिपल और 704 वाइस-प्रिंसिपल की सीधी भर्ती के लिए 25 जुलाई से 14 अगस्त तक आवेदन मांगे गए थे।
प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के सैकड़ों पद खाली
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल के 950 और वाइस-प्रिंसिपल के 1,670 पद स्वीकृत हैं।
इन पदों में से 50% पद यूपीएससी के माध्यम से सीधी भर्ती और 50% पद प्रमोशन से भरे जाने हैं।
सीधी भर्ती के लिए निर्धारित 475 प्रिंसिपल पदों में से 124 पद खाली हैं।
प्रमोशन कोटे में करीब 250 प्रिंसिपल पद भरे हुए हैं, जबकि लगभग 225 पद रिक्त हैं।
वाइस-प्रिंसिपल के 835 पद सीधी भर्ती के लिए निर्धारित हैं, जिनमें से 704 पद खाली हैं।
प्रमोशन कोटे के तहत करीब 400 पदों पर एड-हॉक वाइस-प्रिंसिपल कार्यरत हैं।
वाइस-प्रिंसिपल के प्रमोशन कोटे में लगभग 435 पद अभी भी खाली हैं।
एसोसिएशन के अनुसार, दोनों श्रेणियों में बड़ी संख्या में रिक्तियां होने से स्कूलों के प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।