रेल मंत्री ने की प्रावधान की घोषणा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को नए प्रावधान की घोषणा करते हुए कहा कि लेवल-7 में रेलवे के सुपरवाइजरी कैडर का ठहराव था और उनकी पदोन्नति की गुंजाइश नगण्य थी। पिछले 16 वर्षों से पर्यवेक्षी संवर्ग की पदोन्नति की मांग की जा रही थी। पदोन्नति का एकमात्र दायरा ग्रुप 'बी' में परीक्षा देकर 3,712 रिक्तियों में चयन था। अब 50 प्रतिशत लोगों के लिए प्रावधान वेतन स्तर-7 से स्तर-8 पर जाने के लिए किया गया है।
रेल मंत्री ने बताया किन्हें मिलेगा लाभ
रेल मंत्री ने कहा कि चार साल में गैर कार्यात्मक ग्रेड में 50 प्रतिशत लोगों को स्तर -8 से स्तर-9 तक पदोन्नति देने का प्रावधान किया गया है। इस कदम से 40,000 पर्यवेक्षक ग्रेड कर्मचारियों जैसे स्टेशन मास्टर, टिकट चेकर्स, ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को भी लाभ होने की उम्मीद है, जिन्हें फील्ड लेवल वर्कर्स कहा जाता है।
2,500 से 4,000 रुपये प्रति माह अतिरिक्त वेतन
पे ग्रेड में बढ़ोतरी का मतलब है कि सभी को औसतन 2,500 रुपये से 4,000 रुपये प्रति माह अतिरिक्त वेतन मिलेगा। इससे वेतन बिल में 10,000 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। हालांकि, रेल मंत्री ने कहा कि यह कदम वित्तीय रूप से तटस्थ होगा, क्योंकि इसकी भरपाई मुख्य रूप से उस बचत से की जाएगी, जो रेलवे ने अपने डीजल बिल में की है। इससे सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, एसएंडटी ट्रैफिक केमिकल और एसएंडटी, मेटलर्जिकल, स्टोर्स और कमर्शियल विभागों के सुपरवाइजरों को फायदा होगा।
एआईआरएफ के प्रयास का नतीजा
वहीं, एआईआरएफ के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि रेल मंत्रालय के साथ-साथ डीओपीटी और एमओएफ (डीओई) के साथ ऑल इंडिया रेलवेमैन फेडरेशन (एआईआरएफ) की ओर से जोरदार मांग के परिणामस्वरूप, पुरानी ग्रेड पे से पर्यवेक्षकों के वेतनमान के बढ़ोतरी के संबंध में रेलवे बोर्ड का प्रस्ताव 4,600 रुपये से 5,400 रुपये तक करने का वित्त मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है।