अनुभव भी हो एक कसौटी
स्टार्टअप शुरू करने वाले आंत्रप्रेन्योर अवसर युवा होते हैं। कई के पास तो अनुभव नहीं के बराबर या फिर बेहद कम होता है। ऐसे में, उन्हें सह-संस्थापक की आवश्यकता पर विचार करने से पहल सोचना चाहिए कि क्या उनके पास स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी अनुभव और परिपक्वता है।
अगर नहीं है, तो क्या किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता है जिसके पास दोनों खूबियां हों। को-फाउंडर में धैर्य और बेहतर संचार कौशल का होना भी बेहद जरूरी है। हालांकि, यदि आप किसी को अपनी कंपनी में साझेदार नहीं बनाना चाहते हैं, तो सलाहकारों और परामर्शदाताओं से भी जरूरी सलाह ले सकते हैं। आप चाहें, तो अपने अधीनस्थों को उनके अनुभव के आधार पर नियुक्त कर सकते हैं। हो सकता है भविष्य में आप इन्हें ही सह-संस्थापक की भूमिका में देखना पसंद करें।
बिजनेस पार्टनर चुनने से पहले
यदि आपने तप कर लिया है कि आपको बिजनेस पार्टनर की जरूरत है, तो इत्मीनान से उसकी तलाश करें। ऐसा करने के लिए अन्य स्टार्टअप के सह-संस्थापकों से मिलें। उनसे पूछें कि वे अपने भागीदारों में किन गुणों को सबसे अधिक महत्व देते हैं, उन्हें अपने रिश्ते की शुरुआत में किन बाधाओं को पार करना पड़ा और आपको किन खतरनाक संकेतों (रेड फ्लेम्स) पर ध्यान देना चाहिए। मनमुताबिक सह-संस्थापक मिल जाने के बाद आपको उससे नियमित संवाद करने पर जोर देना। साथ ही, काम के अलावा चाहर भी उसके साथ समय बिताएं।