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रेलवे की भर्तियां अब कराएगा यूपीएससी, जानें कैसा होगा परीक्षा का फॉर्मेट

Thu, 26 Dec 2019 09:25 PM IST
Mohit Mudgal जॉब डेस्क, अमर उजाला
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Railway Board
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रेलवे में अब नई भर्तियां यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से पांच विशेषज्ञताओं के अंतर्गत आयोजित होंगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने इसी सप्ताह आठ सेवाओं का विलय कर उन्हें भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) बना दिया है।  

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उन्होंने बताया कि यूपीएससी के अन्य अभ्यर्थियों की तरह ही रेलवे में नौकरी के लिए उम्मीदवारों को पहले प्राथमिक परीक्षा देनी होगी। परीक्षा के बाद वे पांच विशेषज्ञताओं के तहत आईआरएमएस को चुन सकते हैं। इन पांच विशेषज्ञताओं में से तकनीकी के अंतर्गत चार इंजीनियरिंग : सिविल, मकैनिकल, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल और एक गैर-तकनीकी होगा। 

गैर-तकनीकी में अकाउंटस, कार्मिक और यातायात क्षेत्र की नियुक्तियां होंगी। यादव ने कहा कि इसकी विस्तृत रुपरेखा तैयार की जाएगी, लेकिन फिलहाल हमासी सोच यह है कि उम्मीदवार पहले प्राथमिक परीक्षा देंगे और फिर अपनी पसंद चुनेंगे। उन्हें आईआरएमएस परीक्षा में शामिल होने का भी विकल्प दिया जाएगा।
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यादव ने कहा कि हम पांच विशेषज्ञताओं के अंतर्गत हमारी भर्ती को स्पष्ट करते हुए उसका मांगपत्र भेजने वाले हैं। इनमें चार इंजीनियरिंग के हैं और एक गैर इंजीनियरिंग। गैर इंजीनियरिंग वाले में कला संकाय के उम्मीदवार नियुक्ति पा सकते हैं। इसमें अकाउंटस, यातायात और कार्मिक सेवाएं शामिल होंगी। सभी को एक ही वक्त में पदोन्नति दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि 35 साल का अनुभव रखने वाले भारतीय रेलवे सेवा के अधिकारी ही अध्यक्ष/सीईओ नियुक्त किए जाएंगे। यादव इसी महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेवाओं के विलय का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि अधिकारी रेलवे को अपनी सेवाओं से पहले रखें। जबकि मौजूदा प्रणाली में अधिकारियों के लिए उनकी सेवाएं रेलवे से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई थीं।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष यादव ने बताया कि कैडर के विलय से जुड़ी रुपरेखा तय होने तक सभी अधिकारी अपनी-अपनी विशेषज्ञता सेवा क्षेत्रों में काम करना जारी रखेंगे। हम सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी अधिकारी के करियर की प्रगति में कोई बाधा ना आए। गौरतलब है कि कैडरों के विलय की घोषणा के बाद अधिकारियों के बीच अपनी वरिष्ठता खोने को लेकर उत्पन्न आशंकाओं की पृष्ठभूमि में यादव ने यह घोषणा की है।
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उन्होंने कहा कि रेलवे अपने करियर में पीछे चल रहे अधिकारियों को ऊपर खींचने का प्रयास करेगा, ना कि जो आगे निकल गए हैं उन्हें पीछे धकेलने की।

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