झारखंड में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय की नियुक्ति से नाराज यशवंत सिन्हा मंगलवार को भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में शामिल नहीं हुए। इससे झारखंड भाजपा में बेचैनी बढ़नी शुरू हो गई। गौर हो कि बीते दिन ही यशवंत सिन्हा ने लोकसभा से इस्तीफे की पेशकश भी की है। वह रवींद्र राय को झारखंड भाजपा का अध्यक्ष बनाये जाने से नाराज बताए जा रहे हैं।
वहीं, भाजपा सांसद यशवंत सिन्हा की नारजगी से रवींद्र राय इंकार कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया में आई खबरों को खारिज करते हुए यशवंत सिन्हा की नारजगी से इंकार किया है। साथ ही पार्टी में मतभेद की खबरों को भी सिरे से नकार दिया है।
मालूम हो कि नाराज चल रहे भाजपा सांसद यशवंत सिन्हा ने लोकसभा से इस्तीफे की पेशकश की है। जानकारी के अनुसार उन्होंने सोमवार को लालकृष्ण आडवाणी के समक्ष इस्तीफे की पेशकश की। उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी छोड़ने की भी चेतावनी दी है। वह भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मिल सकते हैं।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के करीबी माने जाने वाले रविंद्र राय को रविवार को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था। अर्जुन मुंडा के विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा देने के एक दिन के अंदर दिनेश गोस्वामी की जगह प्रदेश अध्यक्ष पद पर रविंद्र राय की नियुक्ति की गई।
रवींद्र राय के नियुक्ति पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए यशवंत सिन्हा ने पार्टी में सभी के लिए स्वीकार्य उम्मीदवार की मांग की। उन्होंने राविंद्र के राय के झारखंड विकास मोर्चा से संबंधों पर भी आपत्ति जताई। यशवन्त सिन्हा ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए रघुबर दास का नाम दिया था, जिसे स्वीकार्य नहीं किया गया।