एक समय में भाजपा नेता रहे यशवंत सिन्हा ने कहा कि नरेंद्र मोदी 12 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्हें कभी परेशान नहीं किया गया। आज सभी गैर भाजपा शासित राज्यों में राज्यपाल विपक्षी नेता की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा शनिवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर बरसे। सिन्हा ने आरोप लगाया कि धनखड़ राज्य में चयनित सरकार को सही से काम नहीं करने दे रहे हैं। झारखंड के हजारीबाग में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पश्चिम बंगाल और केरल की तुलना नकारात्मक रूप में करने पर भी प्रतिक्रिया दी।
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सिन्हा ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश कश्मीर, केरल और बंगाल बनता है तो यह उसके लिए सौभाग्य की बात होगी। ये राज्य सामाजिक और आर्थिक मानकों पर कहीं अधिक आगे हैं। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं उनमें से अधिकतर में विपक्ष मजबूत स्थिति में है। यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाया कि जगदीप धनखड़ बंगाल सरकार के हर कदम में अवरोध उत्रन्न कर रहे हैं जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक और अस्वीकार्य है।
अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे सिन्हा ने यह आरोप भी लगाया कि धनखड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहे हैं। सिन्हा ने धनखड़ पर विपक्षी नेता की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह राज्य सरकार के सामने बाधाएं खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों में राज्यपालों की भूमिका की भी आलोचना की।
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योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर सिन्हा ने कहा कि यह बयान निराशा में दिया गया है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने यह महसूस किया है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा इस समय कठिन हालात से गुजर रही है। सिन्हा ने दावा किया कि भाजपा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान में 58 में से 20 सीटों से अधिक पर जीत नहीं मिलेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में भगवा दल ने 58 सीटों पर जीत हासिल की थी।