झामुमो विधायक दल के नेता सह उप मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि 12 साल में झारखंड का अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। यहां की व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है। ट्रांसफर-पोस्टिंग का बाजार गरम है। बिना पैसा लिए काम नहीं होता है।
हेमंत सोमवार को रेलवे फुटबॉल मैदान में पार्टी की ओर से आयोजित जनजागरण सभा में बोल रहे थे। हेमंत ने कहा कि झारखंड का सर्वांगीण विकास झामुमो ही कर सकता है। राज्य के गठन के वक्त ही विकास का गलत ब्लू प्रिंट बना। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। जिस कारण व्यवस्था में पूरी तरह से दीमक लग गया है।
उन्होंने कहा कि पहला बजट 5000 करोड़ का था अब यह 36000 करोड़ हो गया है। अधिकारी ही बता सकते हैं कि यह पैसा कहां और कैसे जा रहा है। विकास के नाम पर राज्य जहां का तहां खड़ा है। लोगों को जागरुक करने के लिए पार्टी की ओर से जनजागरण अभियान की शुरुआत मधुपुर से की गई है। जब तक जनता व सरकार के बीच समन्वय स्थापित नहीं होगा, जनता जागरुक नहीं होगी, तब तक विकास के पैसे को दलाल और अधिकारी उठाते रहेंगे। झारखंड राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। विकास के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने पंचायत व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि प्रदेश का विकास पंचायत व्यवस्था से ही हो सकता है इसके लिए उन्हें अधिकार संपन्न बनाना होगा। गांव के विकास से ही प्रदेश का विकास होगा। उन्होंने अपने विभाग के सारे अधिकार पंचायत को सौंप दिये हैं ताकि विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया के तहत विकास हो सके।