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झारखंड : अब 72 हजार रुपये आमदनी वालों को भी कन्यादान योजना का लाभ, रात में भी काम कर सकेंगी महिलाएं

Wed, 08 Nov 2017 08:52 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
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रघुवर दास, मुख्यमंत्री, झारखंड
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झारखंड सरकार ने कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सरकार ने साल में 72 हजार रुपये कमाने वालों को भी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में शामिल करने का फैसला किया है।
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महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है। सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी, जिनका वेज रिवीजन नहीं हुआ है, उनके लिए महंगाई भत्ता में तीन फीसदी का इजाफा किया गया है.

मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में लाभ लेने वालों का दायरा बढ़ा दिया। सालाना 72 हजार आमदनी वालों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इस योजना के तहत पहले बीपीएल परिवारों की लड़कियों की शादी में सरकार 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती थी।
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अब उन परिवारों की लड़कियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनके माता-पिता या अभिभावक की आमदनी सालाना 72 हजार रुपये है।  

7 नवंबर 2017 को कैबिनेट में लिए गए अहम फैसले@narendramodi  @BJP4India @AmitShah  @BJPLive  @BJP4Jharkhand pic.twitter.com/9qFyLnpuxY— Raghubar Das (@dasraghubar) November 7, 2017

 

महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की इजाजत 

कामकाजी महिलाएं - फोटो : social media
3 फीसदी बढ़ा महंगाई भत्ता 

कैबिनेट ने अपुनिरीक्षित वेतनमान वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को बढ़ाने का फैसला किया गया है। 136 फीसदी महंगाई भत्ते को बढ़ाकर अब 139 फीसदी करने का निर्णय लिया गया। बढ़ायी गई दर एक जुलाई 2017 से प्रभावी होगी। 

महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की इजाजत 

कैबिनेट ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए कारखाना संशोधन अध्यादेश 2017 को मंजूरी दे दी है। इससे अब ओवरटाइम की समय सीमा तीन महीनों में 150 घंटे होगी। पहले यह समय सीमा सिर्फ 75 घंटे तक थी। इस संशोधन के तहत अब महिलाओं को शाम सात बजे से सुबह छह बजे की पाली में भी काम कराया जा सकेगा। 


पीडीएस दुकानों में मिलेंगे अब कई सामान 

कैबिनेट ने जन वितरण प्रणाली की दुकानों में दीनदयाल लोक वस्तु भंडार योजना के तहत साबुन, खाद्य तेल, चायपत्ती, मोमबत्ती, चॉकलेट, घी, दाल, दूध, अचार, सौंदर्य प्रसाधन समेत अन्य कई चीजों की बिक्री होगी। राज्य सरकार ने पीडीएस दुकानदारों की आमदनी बढ़ाने के लिए 2009 में भी उन्हें इन वस्तुओं को बेचने की अनुमति दी थी। लेकिन अब तक किसी भी जन वितरण प्रणाली की दुकानों में इनके बेचे जाने की सूचना सरकार को नहीं है।

इस बार जन वितरण प्रणाली की दुकानों के जरिये इन सामानों की बिक्री के लिए राज्य स्तर से वस्तु आपूर्तिकर्ता, मूल्य आदि निर्धारित करने के प्रस्ताव पर सरकार
के स्तर पर विचार हो रहा है। 
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देवघर जीआइएस मास्टर प्लान की घटनोत्तर स्वीकृति 

राशन की दुकान - फोटो : अमर उजाला
खरीफ की खरीद का लक्ष्य निर्धारित 

कैबिनेट ने 2017-18 में चार लाख मीट्रिक टन के खरीफ की खरीद का लक्ष्य तय किया है। खरीफ के लिए पहले से लागू नियमों में संशोधन किया गया है।

जिले से प्रखंड स्तर तक मॉनिटरिंग कमेटी बनाने का निर्णय हुआ है। पिछले साल रामगढ़ में लागू किए गए ओपन प्रोक्योरमेंट सिस्टम को धनबाद, बोकारो, जामताड़ा और कोडरमा में भी लागू करने की योजना है। 
 
देवघर जीआइएस मास्टर प्लान की घटनोत्तर स्वीकृति 

धनबाद, चास, जमशेदपुर, देवघर, जामताड़ा, फुसरो, चिरकुंडा, मिहिजाम, कपाली, नगरऊंटारी, छत्तरपुर और रामगढ़ शहरी निकायों के लिए जीआइएस मास्टर प्लान की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई है।
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