झारखंड के गिरीडीह में चिलगा पंचायत के चिरुडीह गांव में रहने वाली सावित्री देवी की मंगलवार की सुबह कथित रुप से भूख से तड़पकर मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके घर में अनाज का एक दाना तक नहीं था, इस वजह से घर में दो दिन से चूल्हा नहीं जला था।
सवित्री देवी के पति रामेश्वर तुरी का आरोप है कि उन्होंने राशन कार्ड बनाने के लिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकार (बीएसओ) को पिछले साल आवेदन किया था। जो अभी तक नहीं बन सका है। जिसके कारण उनके घर में अनाज का एक दाना तक नहीं था।
इधर, मुखिया हनीफ अंसारी का कहना है कि सावित्री की मौत भूख से हुई या किसी बीमारी से इसका पता तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन जहां तक रामेश्वर का राशन कार्ड बनाने की बात है तो खुद मैंने उसका आवेदन भरकर बीएसओ को दिया था।
वहीं बीएसओ राजीव रंजन ने बताया कि राशन कार्ड नहीं होने के बावजूद उस क्षेत्र का डीलर परिवार को अनाज देता है। ऐसे में सावित्री की मौत भूख से नहीं हो सकती। वहीं जहां बात रही राशन कार्ड नहीं बनने की, उसकी जांच हम करेंगे।
घटना की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि सावित्री की मौत भूख से हुई है या किसी बीमारी से इस बात का पता तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।