झारखंड में चंपई सोरेन सरकार का शुक्रवार को मंत्रीमंडल का विस्तार हुआ। इस दौरान कई मंत्रियों को कैबिनेट में जगह नहीं मिली। इसी कड़ी में झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक बैद्यनाथ राम को कथित तौर पर अंतिम समय में मंत्रियों सूची से हटा दिया गया। इसपर उन्होंने अब मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर आगामी विधानसभा चुनाव में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
राम ने कहा, 'सब कुछ तय हो गया था और मेरा नाम मंत्रियों की सूची में था। लेकिन, आखिरी समय में मेरा नाम हटा दिया गया। यह अपमान है। मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के दबाव में उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह दो दिनों के भीतर मामले को सुलझा लेंगे।
वहीं लातेहार विधायक ने कहा, 'अगर जरूरत पड़ी तो मैं एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ सकता हूं।'
कांग्रेस को भी है शिकायत
दरअसल, शुक्रवार को मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान जेएमएम और कांग्रेस के कुल आठ विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इसमें ज्यादातर पुराने चेहरों को ही जगह मिली है। इससे कांग्रेस के भी कई विधायकों ने नाराजगी जताई है।
हाल ही में कांग्रेस नेता दीपिका पांडे ने भी गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, 'हमने शपथ ग्रहण से पहले और बाद में समरोह के बाद अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं। हम चाहते थे कि अगर सरकार में फेरबदल हो तो नए चेहरों को मौका दिया जाए'।
बता दें कि झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के सबसे छोटे बेटे बसंत सोरेन और सात अन्य ने शुक्रवार को झारखंड की चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली।
सामने आई आंतरिक कलह
गौरतलब है कि मंत्रियों को विभागों के आवंटन के तुरंत बाद कांग्रेस में आंतरिक कलह भी सामने आई है। कांग्रेस विधायकों के एक समूह ने झारखंड प्रमुख राजेश ठाकुर से मुलाकात की और नए मंत्रिमंडल में पार्टी के कोटे से मंत्रियों की पुनरावृत्ति के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
चार कांग्रेस नेता आलमगीर आलम, रामेश्वर ओरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख,को भी चंपई सोरेन कैबिनेट में शामिल किया गया था। ये सभी पिछली हेमंत सोरेन कैबिनेट का हिस्सा भी रह चुके हैं।
पार्टी विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा, 'हम इस बार मौका चाहते थे।' वहीं कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह ने कहा कि समूह ने इस मामले पर पार्टी प्रमुख को 12 विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र सौंपा है।
पार्ट में मतभेद पर बोले इरफान अंसारी
कैबिनेट विस्तार को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद पर झारखंड कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने बताया, 'हम आज (पीसीसी के अध्यक्ष, राजेश ठाकुर) के पास आए। हम 12 विधायक हैं। आलाकमान को रिपोर्ट सौंपी गई कि मौजूदा चार मंत्री ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता हमसे खुश नहीं हैं और जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम साथ रहेंगे।
बेरमो विधायक अनुप सिंह ने कही ये बात
कांग्रेस नेता और बेरमो विधायक अनुप सिंह ने कहा कि हम कुल 12 लोग हैं। हमने अपने पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा है। हम मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के फैसले का सम्मान करने के लिए शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन हम अपनी मांगें नहीं भूले हैं।