सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी विधायक पत्नी निर्मला यादव से जवाब तलब किया। दंगों से जुड़े के एक मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने उनसे इस बात का जवाब देने के लिए कहा कि राज्य में होने के बावजूद वे दोनों कितनी बार ट्रायल कोर्ट की प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए। झारखंड राज्य के वकील की तरफ से दोनों की जमानत खारिज करने की मांग की गई थी।
इस पर जस्टिस एसए बोबदे और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने पूर्व मंत्री व उनकी पत्नी से पूछा कि अदालती प्रतिबंध के बावजूद वे दोनों मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बाहर किन परिस्थितियों में निकले। साथ ही पीठ ने उनसे उन परिस्थितियों के बारे में भी जवाब मांगा, जिनमें प्रतिबंध के बावजूद उनकी पत्नी ने झारखंड विधानसभा की कार्रवाई में हिस्सेदारी की थी।