यूं तो हर दिन स्कूलों में विज्ञान प्रदर्शनी लगती हैं और ढेरों प्रोजेक्ट सामने आते हैं। लेकिन झारखंड के केरली स्कूल में नौंवी क्लास के विद्यार्थियों ने सभी को चौंका दिया।
इन बच्चों ने राख से बिजली पैदा की है। उन्होंने ताया कि अगर इस तकनीक पर लगातार काम किया जाए तो यह बड़े स्तर पर बिजली पैदा करने के भी काम आ सकता है।
इस मॉडल को तैयार किया अनन्या, अविरल और अनुमेहा ने। बच्चों ने बताया कि जब हम एक कंटेनर राख और पानी को मिलाते हैं, तो ऑक्साइड बनता है।
फिर कंटेनर में जिंक और कॉपर का रॉड डालते हैं, तो बिजली पैदा होती है। इस दौरान कई रिएक्शंस होते हैं। अगर लकड़ी की राख हो तो उत्पादन और भी बढ़ सकता है। अगर, इस पर बड़े पैमाने पर काम हो तो बिजली की समस्या खत्म हो सकती है।
दूसरी ओर प्रफुल्ल और मिलन ने भी एक ऐसी तकनीक से बिजली पैदा करने का मॉडल दिखाया, जिसमें अगर लोग पैरों से सर्किट पर प्रेस करें, तो बिजली का उत्पादन होगा।
इस तरह के आयोजन से बच्चों के बीच नए-नए आइडिया मिलते हैं। वे जो पढ़ते हैं, उसके प्रैक्टिकल दिखाने का बेहतर मौका मिलता है। इस बार बच्चों ने कई राज्यों की प्रदर्शनी भी लगाई है।
राजन वर्गीज, प्राचार्य, केरलि स्कूल