ईद का त्यौहार नजदीक है और इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा इफ्तार पार्टियों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अल्पसंख्यक समाज बढ़-चढ़कर भाग ले रहा है। इसी बीच भाजपा, जिसे हिंदुत्व विचारधारा वाली पार्टी के तौर पर जाना जाता है, अब अल्पसंख्यक समाज को रिझाने के लिए 'सौगात ए मोदी' नामक अभियान शुरू कर रही है। इस पहल को लेकर झारखंड विधानसभा में बयानबाजी तेज हो गई है।
इसी कड़ी में रांची विधायक सीपी सिंह ने इस अभियान को लेकर विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं, इसलिए ऐसे अभियान शुरू किए जा रहे हैं। लेकिन यह भी सच है कि आप सांप को कितना भी दूध पिलाएं, वह आपको डसेगा ही। इधर, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने 'सौगात ए मोदी' किट को एक बेहतरीन कदम बताया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है। भाजपा अल्पसंख्यक समाज को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं देखती, बल्कि उनके विकास के लिए निरंतर प्रयास करती है।
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विपक्ष का हमला
भाजपा के इस कदम को विपक्षी दलों ने आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस के उप नेता और खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने इसे 'मोदी ड्रामा' करार दिया। उन्होंने कहा, "एक तरफ भाजपा अल्पसंख्यक समाज का शोषण करती है और दूसरी तरफ ऐसे अभियान लाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करती है। अगर भाजपा सच में सौगात देना चाहती है तो प्रेम और सद्भावना की सौगात दे।"
क्या है 'सौगात ए मोदी'
दरअसल, ईद के पहले भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने अल्पसंख्यक समाज को उपहार देने के उद्देश्य से 'सौगात ए मोदी' किट लॉन्च की है। इस किट में महिलाओं के लिए सूट, पुरुषों के लिए कुर्ता-पायजामा, दाल, चावल, सेवई, सरसों का तेल, चीनी, मेवा और खजूर जैसी चीजें शामिल हैं। इस अभियान के माध्यम से भाजपा का उद्देश्य अल्पसंख्यक समाज तक पहुंच बनाना है।