पलामू के प्रभात मेहता हत्याकांड में विशेष जांच दल ने अपनी रिपोर्ट सीआईडी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंप दी है। मोबाइल कॉल डिटेल और टावर लोकेशन की जांच के बाद आरोपित पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दी गई है।
पलामू जिले के बहुचर्चित प्रभात मेहता हत्याकांड में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जांच दल ने विस्तृत रिपोर्ट अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) और पलामू प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक किशोर कौशल को सौंप दी है। पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने रिपोर्ट सौंपे जाने की पुष्टि की है। जांच में आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या में शामिल होने का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर जांच दल ने उन्हें क्लीन चिट दी है।
टीम ने मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस दौरान तकनीकी साक्ष्यों को प्रमुख आधार बनाया गया। जांच दल ने संदेह के घेरे में आए पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और टावर लोकेशन की पड़ताल की।
घटना के समय अलग-अलग स्थानों पर थे पुलिसकर्मी
तकनीकी आंकड़ों और मोबाइल लोकेशन के विश्लेषण के बाद जांच दल इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि घटना के समय आरोपित पुलिसकर्मी अलग-अलग स्थानों पर अपने निर्धारित कर्तव्यों में तैनात थे। जांच में उनकी संलिप्तता का कोई साक्ष्य नहीं मिला। इसके बाद टीम ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी। सीआईडी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में जांच दल से रिपोर्ट मांगी थी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने पुलिसकर्मियों की भूमिका और कार्यशैली पर संदेह जताया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल गठित किया। जांच में आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या में शामिल होने का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।