सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी सहित अन्य लोग
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'आप सभी के बीच आकर खुशियों को बांटने का मौका मिलता है'
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर में हर वर्ष धूमधाम से सरहुल का त्योहार मनाया जाता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुझे यहां आयोजित सरहुल महोत्सव में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यहां आकर आप सभी के साथ खुशियों को बांटने का मौका मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यहां हम प्रकृति को संरक्षित रखने और अपनी परंपराओं को लेकर आगे बढ़ने का एक संकल्प लेते हैं। हमारा संकल्प पूरा हो, इस दिशा में हमें सदैव प्रयास करते रहना चाहिए।
'व्यस्तता भरी जिंदगी में अपनी परंपरा एवं सभ्यता-संस्कृति के लिए भी समय निकालें'
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारी जिंदगी काफी व्यस्त हो चुकी है। लोगों के पास वक़्त कम है, फिर भी विरासत में मिली अपनी परंपरा एवं सभ्यता-संस्कृति से जुड़े रहने के लिए वक़्त जरूर निकालें। यह हमारी आने वाली पीढ़ी की बेहतरी के लिए जरूरी है। इससे आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं और पर्व-त्योहारों का जश्न मिलकर मनाने की अलग ही खुशी मिलती है।
छात्रावासों का हो रहा जीर्णोद्धार
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर व्यवस्था देने के लिए सभी छात्रावासों का जीर्णोद्धार हो रहा है। इस कड़ी में आदिवासी कॉलेज छात्रावास, करमटोली और महिला कॉलेज छात्रावास में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ अपनी पढ़ाई की चिंता करें, बाकी सारी व्यवस्था सरकार करेगी। आप सही दिशा में आगे बढ़े, सरकार आपके साथ खड़ी है। इस अवसर पर कृषि मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की एवं विधायक कल्पना सोरेन ने भी पारंपरिक विधि- विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य के विकास तथा खुशहाली की कामना की।