संघ प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को सिमडेगा में कहा कि भारत एक दिन फिर विश्व गुरू बनेगा। यहां बुधवार को पावन रामरेखा धाम में दर्शन पूजन के बाद उन्होंने अपने अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि पहले यूरोप व इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को बदलने के बाद अंग्रेजों की नजर एशिया पर थी लेकिन वह यहां भारत को नहीं बदल पाए। यही भारत की विशेषता है।
इससे पहले, भागवत ने सिमडेगा के पावन रामरेखाधाम में पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने धाम परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में कहा कि वे रामरेखा धाम की महिमा के बारे में पहले भी सुनते रहे हैं लेकिन यहां आने का सौभाग्य उन्हें आज प्राप्त हुआ। उन्होंने धाम विकास समिति, हिंदू धर्म रक्षा समिति और विहिप के पदाधिकारियों को संबोधित किया।
भागवत ने सभी से कहा कि वे निस्वार्थ भाव से अपना काम करते रहें। बता दें कि रामरेखा धाम के महंत उमाकांत जी ने कुछ माह पूर्व रांची में मुलाकात कर सरसंघ चालक मोहन भागवत को रामरेखाधाम में आने का निमंत्रण दिया था। अब रामरेखाधाम को राज्य सरकार ने राज्य स्तर का धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देते हुए उसके विकास कार्य का जिम्मा लिया है।