इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संदेश को पढ़ा गया था। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में गुमला की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव से सिर्फ साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच ही नहीं मिलेगा, बल्कि स्थानीय भाषाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।
प्रसिद्ध गीतकार और लेखक वरुण ग्रोवर ने गुमला लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत की। झारखंड पर्यटन विभाग के मुताबिक, वरुण गुमला लिटरेचर फेस्टिवल 2.0 में अपनी कहानी कहने का जादू लेकर आए हैं। वे झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक छटा में डूबे हुए हैं। शब्दों, लय और विरासत के संगम का जश्न मना रहे हैं। यहां पहुंचकर उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शानदार है। यहां के लोग शानदार हैं। यहां के गांव, यहां की सुंदरता कमाल की है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि झारखंड में मेरा ससुराल है। मेरी पत्नी बोकारो की हैं। वैसे तो हम झारखंड के मेहमान हैं ही, लेकिन इस बार हमें दूसरे तरह की मेहमाननवाजी देखने को मिला है। गुमला लिटरेचर फेस्टिवल में आना शानदार है। मेरा अनुभव शानदार रहा है। यहां सब कुछ है। यहां का रहन सहन, यहां का खाना, सब कुछ बेहतरीन है। मुझे लगता है कि यहां के पर्यटन में काफी संभावनाएं हैं।
इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संदेश को पढ़ा गया था। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में गुमला की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव से सिर्फ साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच ही नहीं मिलेगा, बल्कि स्थानीय भाषाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।