गढ़वा जिले में सदर एसडीएम संजय कुमार के नियमित साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम ‘कॉफी विद एसडीएम’ के तहत बुधवार को चाय दुकानदारों के साथ एक संवादात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चाय की गुमटी, ठेला और छोटी दुकानों का संचालन करने वाले विक्रेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन और चाय दुकानदारों के बीच संवाद को मजबूत करना और उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना रहा।
दैनिक व्यवसाय से जुड़ी समस्याएं सामने आईं
बैठक के दौरान चाय दुकानदारों ने अपने रोजमर्रा के व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं को एसडीएम के समक्ष रखा। दुकानदारों ने बताया कि चाय की गुमटी और ठेले न केवल आजीविका का साधन हैं, बल्कि सामाजिक संवाद के भी महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने व्यवस्था में सुधार और स्थानीय स्तर पर आने वाली कठिनाइयों को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
प्रशासन की गंभीरता का भरोसा
एसडीएम संजय कुमार ने दुकानदारों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी समस्याओं व सुझावों पर अमल करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद से प्रशासन को जमीनी हकीकत समझने में मदद मिलती है और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
बैठक में नगर परिषद के नगर मिशन प्रबंधक कौशल ठाकुर भी उपस्थित रहे। उन्होंने शहरी फुटपाथ विक्रेताओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत उपलब्ध ऋण योजनाओं, स्वरोजगार सहायता और अन्य सरकारी लाभों के बारे में चाय दुकानदारों को विस्तार से बताया गया और इनका लाभ उठाने की अपील की गई।
व्यक्तिगत और सामाजिक पीड़ा की अभिव्यक्ति
चाय विक्रेताओं ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक समस्याएं भी खुलकर रखीं। विनय साव और सुदामा प्रसाद ने बताया कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं कि छोटे व्यवसायियों को सम्मानपूर्वक बुलाकर उनकी बात सुनी गई। कचहरी के समीप चाय दुकान चलाने वाली सकीना बीबी ने अपने दिव्यांग पुत्र के इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी, जिस पर सहायता का भरोसा दिया गया।
सामाजिक मुद्दों पर भी हुई चर्चा
मझिआंव मोड़ की चाय विक्रेता ललिता देवी ने अपने पुत्र की नशाखोरी की समस्या को उठाया और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। पुलिस लाइन के पास दुकान चलाने वाले नंदलाल यादव ने शहर में लगातार लगने वाले जाम की समस्या की ओर ध्यान दिलाया। लंबे समय से चाय व्यवसाय से जुड़े मुन्ना राम चंद्रवंशी ने कहा कि पहली बार एसडीएम के साथ बैठने का अवसर मिला और अब कार्यालय का भय भी समाप्त हुआ।
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दुकान आवंटन और विधि-व्यवस्था के सवाल
कुछ दुकानदारों ने भूमि विवाद, विधि-व्यवस्था और नगर परिषद द्वारा दुकान आवंटन की प्रक्रिया पर असंतोष जताया। उनका कहना था कि पात्र होने के बावजूद कई फुटपाथ विक्रेताओं को दुकान आवंटित नहीं की गई है, जिससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सभी बातों को सुनने के बाद एसडीएम ने चाय विक्रेताओं को अपना मोबाइल नंबर दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कठिनाई की स्थिति में विक्रेता सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
बैठक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। चाय दुकानदारों ने इस संवादात्मक मंच की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनकी आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचती है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि आगे भी समाज के विभिन्न वर्गों के साथ इस तरह के संवाद जारी रहेंगे।