14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने जेपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में धांधली और अनियमितता का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने परिणाम रद्द कर निष्पक्ष जांच कराने तथा संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। भाजपा युवा मोर्चा और जेएलकेएम के कार्यकर्ताओं ने भी अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन दिया।
अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन और कटऑफ पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा में कई प्रश्नों के उत्तर गलत तरीके से मूल्यांकित किए गए। उनका कहना है कि सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को भी अंक नहीं मिले और कटऑफ अंक सार्वजनिक किए बिना परिणाम जारी कर दिया गया। अभ्यर्थी राहुल क्रांति, दिवाकर कुमार और रानी कुमारी ने कहा कि परीक्षा परिणाम में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। उन्होंने मांग की कि विवादित प्रश्नों की विशेषज्ञ समिति से समीक्षा कराई जाए और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मुख्य परीक्षा (मेंस) का भी विरोध किया जाएगा।
भाजपा युवा मोर्चा और जेएलकेएम ने दिया आंदोलन को समर्थन
भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष शंशाक राज ने आरोप लगाया कि जेपीएससी में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं और इस बार भी कटऑफ जारी किए बिना परिणाम घोषित कर दिया गया। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। वहीं, जेएलकेएम नेता योगेंद्र महतो ने प्रदर्शन के दौरान जेपीएससी को लेकर विवादित और धमकी भरा बयान दिया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मौके पर तैनात पुलिस
फिलहाल जेपीएससी की ओर से अभ्यर्थियों के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। अब अभ्यर्थियों की नजर आयोग और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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मामले पर झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को परिणाम पर आपत्ति है तो वह नियमानुसार क्लेम दर्ज कर सकता है, जिसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे परीक्षा परिणाम को गलत ठहराना उचित नहीं है।