झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 29 जून को 1,018 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह कार्यक्रम रांची के प्रोजेक्ट भवन सभागार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से आयोजित किया जाएगा।
प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में देंगे सेवाएं
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थी राज्य के प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5) और मध्य विद्यालयों (कक्षा 6 से 8) में सहायक आचार्य के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। चयनित अभ्यर्थियों की जिला स्तर पर काउंसलिंग प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है।
शिक्षकों की कमी दूर करने पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार का मानना है कि इस नियुक्ति से एक ओर युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी काफी हद तक दूर होगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
10 हजार से अधिक शिक्षकों को मिल चुका है नियुक्ति पत्र
राज्य में चल रहे शिक्षक नियुक्ति अभियान के तहत अब तक 10 हजार से अधिक सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग की ओर से कुल 26,001 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिनमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की अनुशंसा पहले ही प्राप्त हो चुकी है।
रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी
हालांकि अभी भी कुछ पद खाली हैं, जिन्हें भरने की प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहेगा ताकि राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को मजबूत बनाना है। पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को गति मिलेगी।