पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित निजी छात्रावास में रह रही रजनी पहाड़िन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बांडू गांव में संचालित एक निजी छात्रावास में रह रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान साहिबगंज जिले के तालझारी थाना क्षेत्र के बेहड़ा पहाड़ निवासी जबरा पहाड़िया की पुत्री रजनी पहाड़िन के रूप में हुई है। वह मिशन इंडिया मूवमेंट छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। रविवार देर रात उसकी मौत के बाद परिजनों ने आक्रोश जताया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
परिजनों के अनुसार, रविवार शाम को रजनी की तबीयत बिगड़ गई। आरोप है कि छात्रावास प्रबंधन उसे सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय रांगा के एक ग्रामीण चिकित्सक के पास ले गया। इलाज के दौरान रात करीब 10 बजे छात्रा की मौत हो गई। छात्रावास के मैनेजर सुलेमान मालतो ने बताया कि यह छात्रावास वर्ष 2024 से संचालित हो रहा है।
प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस निरीक्षक अनुप रोशन भेंगरा, अंचलाधिकारी पवन कुमार और थाना प्रभारी नागेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ छात्रावास पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाकर स्थिति संभाली। जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
फिलहाल छात्रावास में पाकुड़ और साहिबगंज जिले के 80 बच्चे रह रहे हैं। इन सभी का नामांकन आसपास के सरकारी विद्यालयों में कराया गया है। छात्रा की मौत के बाद छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और बीमार पड़ने पर उन्हें समय पर समुचित इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
उस घटना के दौरान दो अन्य छात्राएं सबीना मालतो और रेबिका पहाड़िन भी बीमार पड़ गई थीं। स्कूल प्रबंधक बरनाबास हांसदा ने छात्राओं को पेट दर्द की शिकायत होने की बात कही थी। उस समय पुलिस अनुमंडल अधिकारी ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से निकलवाया था। इसके बाद पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए शव को दुमका अस्पताल भेजा गया था।