झारखंड की उपराजधानी दुमका के कुमदाबाद की रहने वाली सुदीपा दत्ता ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है। सुदीपा दत्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 41वां रैंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे दुमका जिले का नाम रोशन कर दिया है। जैसे ही परीक्षा का परिणाम आया, उनके घर पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों के फोन आने लगे। बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। हर कोई यही कह रहा था कि दुमका की बेटी ने बड़ा कमाल कर दिखाया है।
सुदीपा की कहानी युवाओं के लिए उम्मीद
सुदीपा दत्ता की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की मिसाल है, जो छोटे शहरों में रहकर बड़े सपने देखते हैं। साधारण परिवार में पली-बढ़ी सुदीपा ने UPSC परीक्षा में सफलता पाकर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
पिता हैं पोस्टमास्टर
सुदीपा दत्ता के पिता सच्चिदानंद दत्ता डाकघर में पोस्टमास्टर हैं। बेटी की बेहतर पढ़ाई के लिए उन्होंने बहुत त्याग किया और उसकी पढ़ाई में कभी कोई बाधा नहीं आने दी। सुदीपा दत्ता के परिजनों का कहना है कि वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। प्रशासनिक सेवा में जाने की उनकी इच्छा थी और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए वह लगातार मेहनत करती रहीं।
तीसरे प्रयास में पाई सफलता
सुदीपा का यह तीसरा प्रयास था। इससे पहले वह एक बार इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन कुछ अंकों से अंतिम सूची में जगह बनाने से चूक गई थीं। उस समय वह पल उनके लिए काफी निराशाजनक था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को और मजबूत किया। उन्होंने अपनी कमजोरियों को पहचाना और दोबारा पूरी मेहनत से तैयारी शुरू कर दी।
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41वां रैंक हासिल किया
आखिरकार इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 41वां रैंक हासिल कर लिया। परिजनों ने बताया कि सुदीपा का झारखंड सरकार में सीडीपीओ के पद पर पहले ही चयन हो चुका है, लेकिन नौकरी में रहते हुए भी उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी और आखिरकार अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल कर लिया।