फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरहुल: तैयारी में रंगा रांची विश्वविद्यालय, आदिवासी संस्कृति की झलक के बीच विद्यार्थियों का रिहर्सल जारी

Wed, 18 Mar 2026 06:44 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Ranchi University Sarhul Preparations: रांची विश्वविद्यालय में सरहुल पर्व की तैयारियां तेज हैं। सेंट्रल फॉर ट्राइबल एंड रीजनल लैंग्वेज विभाग के छात्र पारंपरिक नृत्य-संगीत का रिहर्सल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के शामिल होने की संभावना से उत्साह बढ़ा है, यह पर्व प्रकृति और संस्कृति से जुड़ा है।
विज्ञापन
सरहुल की तैयारी में जुटे विभाग के छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी रांची स्थित रांची विश्वविद्यालय के सेंट्रल फॉर ट्राइबल एंड रीजनल लैंग्वेज विभाग में प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। विभाग में नौ क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई होती है और हर वर्ष की तरह इस बार भी सरहुल को पारंपरिक तरीके से मनाने की तैयारी की जा रही है। पूरे परिसर में आदिवासी संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

विज्ञापन

 
रिहर्सल में दिख रहा पारंपरिक रंग
सरहुल के अवसर पर पारंपरिक आदिवासी नृत्य और लोक संगीत की प्रस्तुतियों के लिए छात्र-छात्राएं लगातार रिहर्सल कर रहे हैं। इस दौरान वे पारंपरिक वेशभूषा में नजर आ रहे हैं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर अभ्यास कर रहे हैं। रिहर्सल के साथ ही परिसर का माहौल धीरे-धीरे उत्सवमय होता जा रहा है।
 
मुख्य कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता
आयोजन के मुख्य कार्यक्रम को लेकर भी उत्साह बना हुआ है। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ने की उम्मीद है। विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन भी कार्यक्रम को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है।
विज्ञापन




पढ़ें- Jharkhand: रामनवमी से पहले हजारीबाग में हाई अलर्ट, डीजीपी तदाशा मिश्रा ने खुद संभाली सुरक्षा व्यवस्था की कमान
विज्ञापन

 
सरहुल का सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व
सरहुल प्रकृति की पूजा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन साल वृक्ष की पूजा की जाती है, जिसे जीवन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और प्रकृति के प्रति उनके गहरे संबंध को दर्शाता है।
 
छात्रों में उत्साह और सांस्कृतिक जुड़ाव
रीजनल लैंग्वेज विभाग के छात्र-छात्राओं में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। छात्र राजीव महतो, चंचला कुमारी, रिंकी कुमारी, काजल कृष्णा, सुभाष महतो और राजीव कुमार ने कहा कि सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति और पहचान का अहम हिस्सा है।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें