राजधानी रांची के चर्चित अंश–अंशिका लापता मामले में झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने दोनों बच्चों को सकुशल बरामद करने के साथ इस मामले में शामिल दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बुधवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने इस पूरे अभियान की जानकारी साझा की।
अंतर्राज्यीय गिरोह की भूमिका
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इस मामले में एक अंतर्राज्यीय गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने इस संवेदनशील मामले को मिशन के रूप में लेते हुए कई स्तरों पर जांच की और आखिरकार दोनों बच्चों को रामगढ़ से सुरक्षित बरामद कर लिया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से टीम वर्क का परिणाम है।
पुलिस अधिकारियों की अहम भूमिका
डीजीपी ने इस सफलता के लिए एडीजी मनौज कौशिक के नेतृत्व में काम कर रही टीम की सराहना की। उन्होंने रांची के एसएसपी राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया और पूरी पुलिस टीम को बधाई दी।
मेहनत और सतर्कता से मिली सफलता
डीजीपी ने कहा कि बच्चों को खोजने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी। हर छोटी-बड़ी सूचना को गंभीरता से लिया गया और लगातार प्रयास जारी रखे गए। पुलिस की यही सतर्कता और मेहनत आखिरकार रंग लाई और बच्चों की सुरक्षित बरामदगी संभव हो सकी।
आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दंपती से गहन पूछताछ की जा रही है। उनसे मिले इनपुट के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
पढ़ें- Jharkhand: साक्ष्य के अभाव में अदालत का बड़ा फैसला, 17 साल पुराने मामले में कुख्यात नक्सली कुंदन और राम बरी
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने इस दौरान मीडिया की भूमिका की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मीडिया ने इस संवेदनशील मामले को जिम्मेदारी के साथ उठाया। जल्द ही इस प्रकरण से जुड़ी पूरी कहानी पत्रकारों को ब्रीफ की जाएगी, ताकि सही और तथ्यात्मक जानकारी जनता तक पहुंच सके।
खुशी में बदला माहौल
अंश और अंशिका की वापसी की खुशी में रांची के मौसीबाड़ी खटाल इलाके में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सैकड़ों लोग बच्चों के घर पहुंचे और होली-दीपावली की तरह खुशी मनाई। बच्चों के घर पर मकर संक्रांति के मेले जैसा दृश्य बन गया।