झामुमो की बैठक में सीएम और झामुमो के विधायक,मंत्री
- फोटो : Amar Ujala
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अब तक महागठबंधन के तहत कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच एक-एक सीट पर उम्मीदवार उतारने की चर्चा चल रही थी, लेकिन शुक्रवार को झामुमो विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी ने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।
दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री योगेंद्र प्रसाद और मंत्री हाफिजुल हसन ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। कार्यकर्ताओं की भावना को देखते हुए पार्टी ने दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस ने प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किया
इधर, कांग्रेस पहले ही प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। वहीं भाजपा भी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं। यदि प्रमुख दल अलग-अलग उम्मीदवार उतारते हैं तो चुनाव में क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक जोड़-तोड़ की चर्चाएं भी तेज हो सकती हैं।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर नई स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पिछले कुछ समय से कांग्रेस और झामुमो के बीच कई मुद्दों पर मतभेद की खबरें भी सामने आती रही हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में दोनों दल राज्यसभा चुनाव को लेकर क्या अंतिम रणनीति अपनाते हैं।
कांग्रेस बोली- झारखंड में गठबंधन एकजुट
राज्यसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को पुराना विधानसभा सभागार में कांग्रेस प्रभारी के राजू की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में पार्टी प्रत्याशी प्रणव झा और कांग्रेस के मंत्री और विधायक शामिल हुए। वहीं, मीडिया के सवालों पर प्रभारी के राजू ने कहा कि झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन से इस संदर्भ में बातचीत होगी और गठबंधन में एक सीट कांग्रेस और एक सीट झामुमो के प्रत्याशी की जीत होगी। झारखंड में गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है।