सार
झारखंड में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। बैठक में महागठबंधन की एकजुटता, विधायकों के समन्वय और दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
सीएम हेमंत सोरेन से मिलते कांग्रेस के नेता और पर्यवेक्षक
- फोटो : Amar Ujala
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही महागठबंधन के घटक दलों ने अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की।
कांके स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस बैठक में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो, विधायक प्रदीप यादव और कांग्रेस पर्यवेक्षक अजय शर्मा शामिल हुए। हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक बताया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे राज्यसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
महागठबंधन की एकजुटता पर जोर
सूत्रों के मुताबिक बैठक में महागठबंधन की एकजुटता बनाए रखने और चुनाव में गठबंधन समर्थित दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा हुई। साथ ही विधायकों के बीच बेहतर समन्वय और चुनावी रणनीति को मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए महागठबंधन नेतृत्व लगातार संवाद और समन्वय पर जोर दे रहा है। सहयोगी दलों के बीच तालमेल मजबूत करने के उद्देश्य से लगातार बैठकों का दौर जारी है।
कांग्रेस पूरी ताकत से मैदान में
कांग्रेस भी अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही है। पार्टी नेतृत्व लगातार गठबंधन सहयोगियों के संपर्क में है और चुनावी समीकरणों पर नजर बनाए हुए है।
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बैठक को महागठबंधन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर आने वाले दिनों में इस तरह की बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल, झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।