कोडरमा जिले के चंदवारा थाना में तैनात पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार राम को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायत के आधार पर एसीबी ने ट्रैप ऑपरेशन किया, जिसमें मजिस्ट्रेट और सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को 15 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कोडरमा जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदवारा थाना में तैनात पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार राम को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई गुरुवार को मजिस्ट्रेट और सरकारी गवाहों की मौजूदगी में की गई। मिली जानकारी के अनुसार चंदवारा थाना क्षेत्र के चिलोडीह निवासी 39 वर्षीय प्रेमचन्द्र नायक ने एसीबी हजारीबाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके मित्र पियूष कुमार पाण्डेय के खिलाफ दर्ज एक मामले को कमजोर करने और उसमें लगी कुछ धाराओं को हटाने के बदले पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार राम ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांग थी। साथ ही आरोपी ने कहा कि पैसे देने पर उनके मित्र को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
जांच और सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच और सत्यापन किया। जांच में शिकायत सही पाई गई और यह भी सामने आया कि आरोपी ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये लेने की बात कही थी।
जाल बिछाकर गिरफ्तारी
एसीबी हजारीबाग में 11 मार्च 2026 को औपचारिक रूप से केस दर्ज किया गया। योजना के तहत 12 मार्च 2026 को एसीबी की ट्रैप टीम ने जाल बिछाया और मजिस्ट्रेट व सरकारी गवाहों की मौजूदगी में पवन कुमार राम को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
विज्ञापन
कानूनी कार्रवाई और संदेश
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी पुलिस पदाधिकारी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है और लोग इस घटना पर चर्चा कर रहे हैं।