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Jharkhand News: वाहन पोर्टल की सुस्ती से बढ़ी परेशानी, जानें कौन-कौन से आवेदन हैं लंबित

Fri, 21 Aug 2026 12:54 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड के परिवहन विभाग में ऑनलाइन सेवाओं की रफ्तार पर सवाल उठे हैं। वाहन पोर्टल पर 30 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित पाए गए हैं। इनमें वाहन पंजीकरण, स्वामित्व हस्तांतरण, पता बदलने, एनओसी और वाहन रिकॉर्ड में बदलाव जैसे जरूरी आवेदन शामिल हैं।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और समय पर उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार ने अलग-अलग विभागों में पोर्टल की व्यवस्था की है। इसके बावजूद परिवहन विभाग में ऑनलाइन सेवाओं का हाल ठीक नहीं है। वाहन पोर्टल पर 30 हजार से ज्यादा आवेदन अब भी लंबित पाए गए हैं। इनमें वाहन रजिस्ट्रेशन से लेकर स्वामित्व हस्तांतरण, पता बदलने और एनओसी जैसे कई जरूरी काम शामिल हैं। आवेदनों के लंबे समय से अटके रहने पर परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया है।

वाहन पोर्टल पर कौन-कौन से आवेदन अटके?

वाहन पोर्टल पर लंबित मामलों में वाहन पंजीकरण, वाहन के मालिक का नाम बदलना, पता बदलना, अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC), वाहन के रिकॉर्ड में बदलाव समेत कई दूसरे काम शामिल हैं। आवेदनों के समय पर निपटारे नहीं होने से वाहन मालिकों और चालकों को काफी परेशानी हो रही है। कई लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए बार-बार परिवहन कार्यालय जाना पड़ रहा है। ऐसे में कुछ लोग जल्द काम कराने के लिए दलालों का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं।

हजारीबाग में सबसे ज्यादा आवेदन लंबित

विभागीय समीक्षा में कई जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित मिले हैं। हजारीबाग में 3,460, गुमला में 1,994, देवघर में 1,687, धनबाद में 1,314, गिरिडीह में 1,096 और पाकुड़ में 1,064 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में 940 और पश्चिमी सिंहभूम में 628 मामले लंबित पाए गए हैं। वहीं खूंटी में 77, गोड्डा में 142 और सिमडेगा में 144 आवेदन लंबित हैं।

बिना वजह आवेदन रोकने पर होगी कार्रवाई

परिवहन सचिव राजीव रंजन ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को वाहन पोर्टल पर लंबित मामलों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि तय समय सीमा के भीतर आवेदनों का निपटारा किया जाए और बिना किसी ठोस वजह के किसी आवेदन को लंबित न रखा जाए। विभाग ने छह महीने से ज्यादा समय से लंबित आवेदनों को अलग से चिन्हित कर उनकी समीक्षा करने को कहा है। पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया है। सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों से 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है। विभाग अब यह देखेगा कि लंबित आवेदनों को कितनी तेजी से निपटाया जा रहा है और किन वजहों से मामले इतने लंबे समय से अटके हुए हैं।

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