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झारखंड: सात महीने से खाली जेब, फिर भी ड्यूटी! 200 लैब कर्मियों ने दिया धरना, पेन डाउन हड़ताल की चेतावनी

Tue, 06 Oct 2026 01:20 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

रांची में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कार्यरत करीब 200 आउटसोर्सिंग लैबोरेटरी कर्मियों ने सात महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में विभागीय कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया।
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विभागीय सचिव को ज्ञापन देने जाते कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे आउटसोर्सिंग लैबोरेटरी कर्मियों ने सात महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को विभागीय कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से वेतन लंबित होने के बावजूद उनसे लगातार काम लिया जा रहा है। प्रदर्शन के बाद कर्मियों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बकाया वेतन का जल्द भुगतान करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।

सात महीने से वेतन नहीं मिला, आर्थिक संकट का दावा

धरने में शामिल कर्मी शिवानी ने बताया कि वे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की वाटर टेस्टिंग लैबोरेटरी में काम करती हैं। उनके अनुसार, पिछले सात महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इसके बावजूद कर्मी लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। शिवानी ने कहा कि त्योहारों के मौसम में भी वेतन नहीं मिलने से कई कर्मियों के परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक परेशानी की स्थिति पैदा हो गई है।

झारखंड में करीब 200 कर्मी कर रहे काम

कर्मियों के मुताबिक, पूरे झारखंड में करीब 200 आउटसोर्सिंग लैबोरेटरी कर्मचारी जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि बकाया वेतन के भुगतान को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है। कर्मियों के अनुसार, उन्हें विभाग की ओर से बताया जाता है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद वेतन का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, कर्मियों का दावा है कि पिछले कुछ समय में तीन से चार बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन हर बार इसे स्थगित कर दिया गया। इसके चलते वेतन भुगतान का मामला लगातार लंबित होता चला गया।

वेतन नहीं मिला, फिर भी काम करने का दबाव

प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने आरोप लगाया कि सात महीने से वेतन नहीं मिलने के बावजूद उनसे लगातार काम करने को कहा जा रहा है। उनका कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। कर्मियों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो वे पेन डाउन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि वे सरकार और विभाग से किसी टकराव के बजाय बकाया वेतन के भुगतान और समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

बकाया वेतन के भुगतान की मांग

धरना-प्रदर्शन के बाद कर्मियों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें सात महीने से लंबित वेतन का जल्द भुगतान करने, टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी समस्या का समाधान करने और भविष्य में वेतन भुगतान में देरी न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई है। कर्मियों ने सरकार और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।

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