छात्र आंदोलन के बीच रांची में कोचिंग संस्थानों पर नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। जांच अभियान के दौरान बिना ट्रेड लाइसेंस संचालित 20 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। संचालकों को तीन दिनों में जरूरी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है, ऐसा नहीं करने पर संस्थानों को सील किया जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर
छात्र आंदोलन के बीच राजधानी रांची में कोचिंग संस्थानों पर रांची नगर निगम की कार्रवाई शुरू हो गई है। निगम ने जांच अभियान चलाकर 20 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया। इन संस्थानों पर बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालन का आरोप है। निगम ने संबंधित संचालकों को तीन दिनों के भीतर आवश्यक कागजात और अनुमति से संबंधित दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है।
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जानकारी के अनुसार, रांची में करीब 861 कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। इनमें अब तक महज 61 संस्थानों के पास ट्रेड लाइसेंस होने की बात सामने आई है। ऐसे में निगम की कार्रवाई से कोचिंग संस्थान संचालकों में हड़कंप है। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए गए और नियमों का पालन नहीं हुआ, तो संबंधित संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है।
भाजपा ने लगाया बदले की कार्रवाई का आरोप
नगर निगम की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। भाजपा ने इसे हेमंत सोरेन सरकार की बदले की कार्रवाई करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि छात्र आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से कोचिंग संस्थान संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि आंदोलन से जुड़े छात्रों और उनके सहयोगियों को अलग-अलग तरीके से दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है।
झामुमो बोला- नियम के तहत हो रही कार्रवाई
वहीं, झामुमो ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि नगर निगम की कार्रवाई पूरी तरह नियम और कानून के तहत हो रही है। बिना लाइसेंस संचालित संस्थानों की जांच करना निगम की जिम्मेदारी है और इसी के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। पार्टी ने इसे छात्र आंदोलन से जोड़कर देखने को राजनीतिक आरोप बताया है। फिलहाल तीन दिनों की समय सीमा के बाद निगम की अगली कार्रवाई पर कोचिंग संचालकों और छात्र संगठनों की नजर बनी हुई है।