सार
गिरिडीह के बगोदर का प्रवासी मजदूर रामेश्वर दास रोजगार की तलाश में दुबई गया था, लेकिन वहां फंस गया। परिजनों के मुताबिक, पिछले पांच दिनों से रामेश्वर से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उसका मोबाइल भी बंद है। परिवार ने सरकार से उसकी सुरक्षित वतन वापसी की गुहार लगाई है।
विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले झारखंड के प्रवासी मजदूरों के फंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के अटका गांव निवासी प्रवासी मजदूर रामेश्वर दास के दुबई में फंसने का मामला सामने आया है। परिजनों ने सरकार से रामेश्वर की सुरक्षित वतन वापसी कराने की गुहार लगाई है।
परिजनों के अनुसार, रामेश्वर दास छह मई 2026 को एक ठेकेदार के माध्यम से रोजी-रोटी की तलाश में टूरिस्ट वीजा पर दुबई गया था। दुबई पहुंचने के बाद से ही वह वहां फंसा हुआ है। करीब चार महीने से घर लौटने के लिए परेशान रामेश्वर से पिछले पांच दिनों से परिजनों की बातचीत नहीं हो पा रही है। उसका मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। इससे परिवार के लोग किसी अनहोनी की आशंका को लेकर बेहद चिंतित हैं।
संपर्क टूटने से परिजनों की परेशानी और बढ़ गई
परिजनों ने बताया कि रामेश्वर को कर्ज लेकर विदेश भेजा गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह दुबई में काम कर आर्थिक स्थिति बेहतर करेगा। लेकिन उसके विदेश जाने के बाद से परिवार की चिंता बढ़ती गई। अब संपर्क टूटने से परिजनों की परेशानी और बढ़ गई है।
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मामले की जानकारी मिलने पर प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सिकंदर अली अटका गांव पहुंचे और रामेश्वर के परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए रामेश्वर की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित स्तर पर पहल करने की बात कही।
परिजनों ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि रामेश्वर की स्थिति का पता लगाकर उसे जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।