जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर मामले ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या के पीछे मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव और भविष्य को लेकर गहरी चिंता की बात सामने आई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी रवींद्र कुमार ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह लंबे समय से अवसाद और नकारात्मक सोच से गुजर रहा था।
पुलिस के अनुसार, रवींद्र कुमार रिटायरमेंट के बाद परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर लगातार तनाव में था। घर निर्माण, बच्चों की शादी और आर्थिक स्थिति को लेकर वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। उसे यह डर सताने लगा था कि यदि उसकी अचानक मौत हो गई तो परिवार बेसहारा हो जाएगा। इसी भय और मानसिक दबाव ने उसे इस खौफनाक कदम तक पहुंचा दिया।
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जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने सबसे पहले रसोई में खाना बना रही पत्नी सरिता की हत्या की। इसके बाद कमरे में सो रहे बेटे रविषेक और बेटी सुप्रिया को भी मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद जब उसने पत्नी का शव देखा तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने खुद आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन वह बच गया।
मामले का सबसे भावुक पहलू तब सामने आया जब आरोपी का बड़ा बेटा अभिषेक रायपुर से जमशेदपुर पहुंचा।
पुलिस हिरासत में पिता और बेटे का आमना-सामना हुआ तो रवींद्र फूट-फूटकर रो पड़ा। उसने बेटे से अपनी गलती के लिए बार-बार माफी मांगी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी भावुक हो गए। पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस घटना के बाद पूरे शहर में शोक और दहशत का माहौल है। यह दर्दनाक वारदात मानसिक तनाव और नकारात्मक सोच के खतरनाक परिणाम की भयावह मिसाल बनकर सामने आई है।