राजधानी रांची सहित खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़कों, बाजारों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर झुंड में घूम रहे कुत्तों से लोगों में डर का माहौल है। वहीं, मवेशियों और पालतू जानवरों पर हमले की घटनाओं ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। आगामी त्योहारों के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।
झुंड में राहगीरों और मवेशियों पर कर रहे हमला
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में आवारा कुत्ते कई बार झुंड बनाकर मवेशियों के पीछे दौड़ते हैं और उन पर हमला कर देते हैं। पालतू जानवर भी इनके निशाने पर आ रहे हैं। इसके अलावा, कुत्तों के काटने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर रात के समय मीडियाकर्मियों और आम राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बाइक सवारों पर कुत्तों का झुंड अचानक झपट पड़ता है। इससे कई लोग घायल भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के कारण सड़क पर चलना मुश्किल होता जा रहा है।
रांची से खूंटी के जंगलों में कुत्ते छोड़ने का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रांची नगर निगम द्वारा पकड़े गए आवारा कुत्तों को खूंटी के जंगलों में छोड़ दिया जाता है। उनका कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है, तो इससे खूंटी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या और बढ़ सकती है। हालांकि, इस आरोप की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मुरहू स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच रहे कुत्ते के काटने के पीड़ित
मुरहू स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने बताया कि इन दिनों कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं। पीड़ित इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण लोगों में डर बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या को गंभीरता से लेने और जल्द जरूरी कदम उठाने की अपील की है।
डॉग रिकवरी वैन से कुत्तों को पकड़ने की मांग
मुरहू के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुरहू पंचायत सहित पूरे प्रखंड में विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। इसके तहत आवारा और आक्रामक कुत्तों को डॉग रिकवरी वैन की मदद से पकड़कर सुरक्षित आश्रय स्थलों में रखने की व्यवस्था की जाए।
त्योहारों से पहले कार्रवाई की मांग
अरुण कुमार साबू ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो त्योहारों के दौरान लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। त्योहारों में बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ने से खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को किसी बड़ी घटना से पहले जरूरी कदम उठाने चाहिए, ताकि आम नागरिकों, राहगीरों और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।