चुनाव आयोग को ज्ञापन देते अल्पसंख्यक आयोग के उपाधीक्षक
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झारखंड में चल रही विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया में सामने आ रही समस्याओं को लेकर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम ने चुनाव आयुक्त के रवि कुमार को मांग पत्र सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में एसआईआर का कार्य संतोषजनक ढंग से चल रहा है, लेकिन अनेक जिलों, विशेषकर अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्ग की अधिक आबादी वाले क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि मतदाताओं तक गणना प्रपत्र नहीं पहुंचा है या कई स्थानों पर बीएलओ अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
एसआईआर की समय-सीमा 15 अगस्त करने की मांग
मांग पत्र में कहा गया है कि वर्तमान कार्य प्रगति को देखते हुए 29 जुलाई तक SIR प्रक्रिया पूरी होना कठिन प्रतीत हो रहा है। इसलिए इसकी समय सीमा बढ़ाकर कम से कम 15 अगस्त तक करने की मांग की गई है। साथ ही सभी बीएलओ को घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने और जरूरत पड़ने पर मतदाताओं को प्रक्रिया की जानकारी देने का निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।
पात्र मतदाता को सूची से हटाने न हटाने की मांग
इसके अलावा सभी पात्र मतदाताओं तक शीघ्र प्रपत्र पहुंचाने, आवेदन और दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय देने, बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराने तथा किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित जांच और सूचना के मतदाता सूची से नहीं हटाने की मांग की गई है। मांग पत्र में दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर मतदाताओं के लिए विशेष सहायता शिविर लगाने, दावों एवं आपत्तियों के त्वरित और निष्पक्ष निपटारे की व्यवस्था करने तथा मतदाता सूची के शुद्धिकरण के साथ प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन मांगों का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय बनाना है।
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वहीं, चुनाव आयुक्त के रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में यदि को गड़बड़ी करेगा उसपर कार्रवाई होगी। साथ ही इसमें जो योग्य पात्र हैं, उनका नाम किसी भी कीमत पर कटेगा नहीं,लेकिन जो अयोग्य होंगे उनका नाम फिर से नहीं जोड़ा जाएगा। पूरी पारदर्शिता के साथ एसआईआर का कार्य होगा।