फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झारखंड: पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी पीजी की पढ़ाई, 20 सीटों पर होगा दाखिला

Sun, 11 Oct 2026 05:52 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड के मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में परास्नातक (पीजी) की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। कॉलेज के पांच विभागों में कुल 20 सीटों पर नामांकन की योजना है। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की मंजूरी जरूरी है।
विज्ञापन
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज। फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर के पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में परास्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है। संस्थान के पांच विभागों में कुल 20 सीटों पर छात्रों के नामांकन की योजना बनाई गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन से हरी झंडी मिलने के बाद ही यहां परास्नातक सत्र में दाखिला दिया जाएगा।
विज्ञापन


एमबीबीएस की डिग्री पूरी कर चुके और नीट-पीजी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही इस पाठ्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा चयनित 20 अभ्यर्थियों के नामों की सूची कॉलेज को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। परास्नातक पाठ्यक्रम की कुल अवधि तीन वर्ष निर्धारित है।

विभागों की सीटें और जुर्माना
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने परास्नातक की पढ़ाई के लिए पांच प्रमुख विभागों को चिह्नित किया है। इनमें एनाटॉमी, बायोकेमेस्ट्री, नेत्र विभाग, पैथोलॉजी और मेडिसिन शामिल हैं। प्रत्येक विभाग में चार-चार सीटें निर्धारित की गई हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 20 सीटों पर दाखिला लिया जाएगा। दाखिला नियमावली के अनुसार, यदि कोई अभ्यर्थी तीन वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले पढ़ाई बीच में छोड़ता है, तो उसे 30 लाख रुपये का जुर्माना चुकाना पड़ेगा। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जक्का श्रीनिवासन राव के अनुसार, इन सभी पांचों विभागों में परास्नातक स्तर के अध्यापन के लिए आवश्यक मूलभूत संसाधन और व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
विज्ञापन


विभागीय निरीक्षण की स्थिति
परास्नातक की पढ़ाई आरंभ करने की प्रक्रिया के तहत विभिन्न जांच टीमों ने कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। मेडिसिन विभाग में पढ़ाई शुरू करने के उद्देश्य से 25 सितंबर को एक सदस्यीय जांच टीम ने कॉलेज का निरीक्षण किया था। इससे पहले नेत्र विभाग के लिए 18 सितंबर को निरीक्षण कार्य पूरा किया गया था। इन दोनों जांच टीमों ने अपनी विस्तृत मूल्यांकन रिपोर्ट आयोग को प्रेषित कर दी है। इससे पूर्व 18 मार्च को नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की टीम और रिम्स के दो विशेषज्ञ डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से मेडिकल कॉलेज की तैयारियों की पड़ताल की थी।

ये भी पढ़ें- बिहार: ‘आंदोलन का अधिकार है, अराजकता का नहीं’, एसआईआर प्रदर्शन पर चिराग पासवान का बयान
विज्ञापन


एनएमसी की अंतिम स्वीकृति की प्रतीक्षा
विश्वविद्यालय की जांच टीम में डीन साइंस डॉ. गजेंद्र सिंह और डॉ. श्रवण कुमार शामिल थे। वहीं रिम्स की तरफ से डॉ. पंकज बोदरा और डॉ. रिशी टुफिम गुड़िया ने विशेषज्ञ के रूप में हिस्सा लिया था। निरीक्षण के दौरान मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जक्का श्रीनिवासन राव भी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय द्वारा तैयार जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने उसे स्वीकृति के लिए आयोग को भेज दिया है। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि नेशनल मेडिकल कमीशन की सहमति मिलते ही परास्नातक में नामांकन का रास्ता साफ हो जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें