झारखंड की कोडरमा पुलिस ने नाबालिग लड़की से यौन शोषण के गंभीर आरोप में कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है। पीड़िता पड़ोसी हजारीबाग जिले की रहने वाली है, जिसने इस पूरे मामले को लेकर ऑनलाइन शून्य प्राथमिकी के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कोडरमा के महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।
फार्म हाउस से गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने शनिवार देर रात त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी चिकित्सक को चंदवारा क्षेत्र के उरवां स्थित उनके फार्म हाउस से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के उपरांत पुलिस उन्हें तिलैया डैम ओपी ले गई और गहन पूछताछ की।
इस बीच बाल कल्याण समिति के समक्ष पीड़िता का आधिकारिक बयान भी दर्ज कराया गया। पूछताछ और प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने सदर अस्पताल में आरोपी सिविल सर्जन की चिकित्सीय जांच कराई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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इलाज के दौरान संपर्क और महकमे में हलचल
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित लड़की इलाज कराने के सिलसिले में सिविल सर्जन के संपर्क में आई थी। आरोप है कि इस दौरान चिकित्सक ने पीड़िता को झांसा देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण किया। हालांकि यह मामला उच्च स्तरीय होने के कारण घटना की सटीक अवधि, शिकायत के विस्तृत ब्योरे और जांच से जुड़ी आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस द्वारा नहीं की गई है।
इस घटनाक्रम के सार्वजनिक होने और अधिकारी की गिरफ्तारी से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। महिला थाना की पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है।