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झारखंड परीक्षा विवाद: पेपर लीक केस में SIT का शिकंजा, 350 अभ्यर्थियों से पूछताछ; दोषियों की गिरफ्तारी जारी

Tue, 08 Sep 2026 09:43 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला रांची

सार

झारखंड JSSC-CGL परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले की जांच कर रही CID की SIT के रडार पर परीक्षा में सफल सभी 1,932 अभ्यर्थी हैं। जांच टीम अब तक 350 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है, जबकि मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
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झारखंड कर्मचारी चयन आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की रडार पर परीक्षा से नियुक्त सभी 1932 सफल अभ्यर्थी आ गए हैं। ये सभी अभ्यर्थी अब अधिकारी बन चुके हैं और विशेष जांच टीम (एसआईटी) एक-एक करके सबका बयान दर्ज कर रही है।
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एसआईटी अब तक नौ सफल अभ्यर्थियों, परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी के दो कर्मियों और एक दलाल समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच टीम ने अब तक 350 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ पूरी कर ली है।

 25 सफल अभ्यर्थियों और संदिग्धों से पूछताछ
एसआईटी ने मंगलवार को भी 25 सफल अभ्यर्थियों और संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की। अब तक की जांच और छानबीन में यह बात साफ हो चुकी है कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर सेटिंग हुई थी और प्रश्नपत्र लीक किया गया था। सिंडिकेट के सदस्यों ने सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए थे।
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सीआईडी ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय तिवारी, दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, समीर कुमार और कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। एसआईटी सत्यापन में दोषी मिलने वाले अभ्यर्थियों की लगातार गिरफ्तारी कर रही है और जल्द ही गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

 एजेंसी के कर्मियों की मिलीभगत
परीक्षा के संचालन की मुख्य जिम्मेदारी वेबेल एजेंसी को दी गई थी, जिसने अपनी सहयोगी एजेंसी आइसीएन को परीक्षा के काम में लगाया था। इसी आइसीएन एजेंसी ने पेपर लीक, सेटिंग और अनियमितता के जरिये अभ्यर्थियों से पैसे लेकर पास कराने की पूरी साजिश रची। जांच में यह सच सामने आया है कि 12 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक में परीक्षा पास कराने का सौदा तय किया गया था। एसआईटी ने आइसीएन एजेंसी के दो कर्मियों सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है। अभ्यर्थियों को सांठगांठ से पास कराने में शामिल दलाल राजन कुमार को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

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सिंडिकेट के नेटवर्क का पर्दाफाश
गिरफ्तार अभ्यर्थियों से हुई पूछताछ में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक होने की पुष्टि हो चुकी है। अब सीआईडी इस परीक्षा घोटाले से जुड़े सिंडिकेट के अन्य साथियों की तलाश कर रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद पेपर लीक सिंडिकेट के अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क का राज खुलेगा। सीआईडी की टीम कई अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच और सत्यापन की प्रक्रिया जारी रखे हुए है।
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