झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। इसी कड़ी में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते शुक्रवार को तीसरे दौर की पूछताछ के लिए अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, वह सुबह करीब 11 बजे सीआईडी मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। इससे पहले मंगलवार को उनसे करीब नौ घंटे और बुधवार को लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया, चयन प्रणाली और अन्य प्रशासनिक पहलुओं से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
इस्तीफे के बाद तेज हुई जांच
एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को लोक सेवा आयोग अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के अगले ही दिन CID ने कथित परीक्षा अनियमितताओं के संबंध में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें उनका आधिकारिक आवास भी शामिल था। बाद में उन्होंने कहा था कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वेच्छा से पद छोड़ा है।
मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्ति के बाद बने थे अध्यक्ष
एल. खियांग्ते को राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले वर्ष फरवरी में झारखंड लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान आयोजित परीक्षाओं को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद जांच शुरू हुई।
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अब तक 11 गिरफ्तार, मुख्य परीक्षा भी टली
सीआईडी ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें एक ऐसा अभ्यर्थी भी शामिल है, जिसने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वहीं, विवाद और जांच के बीच JPSC ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को "अपरिहार्य कारणों" का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था।
फिलहाल, सीआईडी पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और आगे भी पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।