सार
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में विधायक जयराम महतो एक दिन के निर्जला अनशन पर बैठे। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन रविवार को नए चरण में पहुंच गया। छात्रों के समर्थन में डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख जयराम महतो पुराने विधानसभा परिसर में एक दिन के निर्जला अनशन पर बैठ गए। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से छात्र धरना और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारी 14वीं JPSC समेत अन्य विवादित परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक, OMR में हेराफेरी और नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच हो। लगातार भूख हड़ताल के कारण कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके बावजूद छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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अनशन पर बैठने से पहले जयराम महतो ने कहा कि छात्रों की आवाज लगातार मजबूत हो रही है और सरकार को उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ फैसला लेना चाहिए। उन्होंने विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई।
उन्होंने आयोग के अधिकारियों और अन्य संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही मजदूरों, किसानों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों और समाज के अन्य वर्गों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की। जयराम महतो ने कहा कि यदि सरकार जल्द कोई ठोस पहल नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक बनाया जाएगा।