सार
तमिलनाडु में अमोनिया गैस रिसाव की घटना ने झारखंड के कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। हादसे में एक मजदूर की जान चली गई, जबकि 39 श्रमिकों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए राज्य सरकार से सुरक्षित घर लौटाने की अपील की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव के निर्देश दिए हैं।
तमिलनाडु में फंसे झारखंड के मजदूर सोशल मीडिया में राज्य सरकार वापसी की गुहार लगाते हुए
- फोटो : Amar Ujala
तमिलनाडु के एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में झारखंड के एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य श्रमिकों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद वहां कार्यरत झारखंड के 39 मजदूरों में दहशत का माहौल है। मजदूरों का आरोप है कि हादसे के बाद कंपनी के ठेकेदार ने उन्हें एक कमरे में बंद कर रखा है और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सभी मजदूरों ने राज्य सरकार से सुरक्षित झारखंड वापस लाने की गुहार लगाई है।
सीएम ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तमिलनाडु सरकार और संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सभी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें सकुशल झारखंड वापस लाने तथा मृतक मजदूर के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उसके पैतृक गांव पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा है।
गैस रिसाव के बाद मजदूरों में भय और दहशत का माहौल
बताया जा रहा है कि अमोनिया गैस रिसाव के बाद मजदूरों में भय और दहशत का माहौल है। परिजनों की चिंता भी बढ़ गई है और वे लगातार राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। तमिलनाडु में फंसे मजदूर हजारीबाग, गिरिडीह, लातेहार और गुमला जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं।
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किसी भी मजदूर को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा
उधर, झारखंड सरकार ने आश्वासन दिया है कि किसी भी मजदूर को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा। प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षित वापसी, आवश्यक उपचार तथा मृतक के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी की जा रही है और मजदूरों के हितों की हर स्तर पर रक्षा की जाएगी।