झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने का चरण 15 सितंबर को खत्म हो जाएगा। ऐसे में पात्र नागरिकों और युवाओं के पास मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए अब बहुत कम समय बचा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी पात्र नागरिकों, खासकर युवाओं से जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की है।
75 मतदान केंद्रों पर एक भी फॉर्म-6 नहीं मिला
झारखंड में कुल 31,892 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 75 मतदान केंद्रों पर अब तक एक भी फॉर्म-6 प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं, 5,591 मतदान केंद्रों पर केवल एक से पांच आवेदन मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 8,618 मतदान केंद्रों पर छह से 10 आवेदन, 11,329 केंद्रों पर 11 से 20 आवेदन और 4,076 केंद्रों पर 21 से 30 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा राज्य के 2,203 मतदान केंद्रों पर 30 से ज्यादा फॉर्म-6 मिले हैं।
जिन 75 मतदान केंद्रों पर अब तक एक भी आवेदन नहीं आया है, उनमें सबसे ज्यादा 62 केंद्र रांची जिले के हैं। इसके अलावा दुमका में चार और साहिबगंज में तीन ऐसे मतदान केंद्र हैं। देवघर, गोड्डा, हजारीबाग, धनबाद और गुमला में एक-एक मतदान केंद्र पर अब तक कोई आवेदन नहीं मिला है। विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से देखें तो कांके विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 52 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी फॉर्म-6 प्राप्त नहीं हुआ है।
युवाओं से जल्द आवेदन करने की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों और खासकर युवाओं से बीएलओ या ईसीनेट के माध्यम से आवेदन जमा करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि एक अक्तूबर 2026 की अर्हता तिथि को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले सभी नागरिक 15 सितंबर तक फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि अर्हता तिथि पूरी करने वाले नागरिक तय समय के भीतर फॉर्म-6 जमा नहीं करते हैं, तो वर्तमान एसआईआर मतदाता सूची में उनका नाम शामिल नहीं हो सकेगा।
नई मतदाता सूची भविष्य में भी आएगी काम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिए तैयार की जाने वाली मतदाता सूची को स्थायी दस्तावेज के तौर पर सुरक्षित रखा जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह वर्ष 2003 की एसआईआर सूची के दस्तावेजों से मैपिंग कर वर्तमान मतदाताओं और उनके बच्चों को अलग-अलग कागजात में छूट मिल रही है, उसी तरह नई सूची का लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी कर लें।