झारखंड के गढ़वा जिले में स्थित बूढ़ा पहाड़ की तलहटी में तुरेर गांव के समीप घने जंगल से सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने दो गैस सिलिंडर बरामद किए हैं। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया। अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और गढ़वा पुलिस की टीम शामिल थी। सुरक्षाबलों ने दोनों सिलिंडरों को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सिलिंडर जंगल में किसने और किस उद्देश्य से रखे थे।
गुप्त सूचना पर जंगल में छापेमारी
बड़गड़ थाना प्रभारी राजेश वर्मा ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने तुरेर गांव के समीप जंगल में सावधानीपूर्वक छापेमारी की। इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी लेने के दौरान घने जंगल में दो गैस सिलिंडर मिले। किसी भी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए जवानों ने आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए और दोनों सिलिंडरों को अपने संरक्षण में ले लिया। थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सिलिंडर जंगल के भीतर कैसे पहुंचे और उन्हें वहां रखने के पीछे क्या उद्देश्य था।
माओवादियों का सुरक्षित ठिकाना रहा है बूढ़ा पहाड़
बूढ़ा पहाड़ और इसके आसपास का विशाल जंगल कभी माओवादी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था। घने जंगल, ऊंची पहाड़ियों और दुर्गम रास्तों के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक माओवादियों का सुरक्षित ठिकाना रहा। उस दौरान पहाड़ी रास्तों पर उग्रवादियों द्वारा सिलिंडर बम और प्रेशर बम लगाए जाने की घटनाएं भी सामने आती थीं। इसके कारण सुरक्षाबलों को अभियान चलाते समय विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती थी। क्षेत्र में मुठभेड़ और गोलीबारी की कई घटनाएं भी हुई थीं।
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पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
सुरक्षाबलों के लगातार अभियानों के बाद क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों में काफी कमी आई है। ऐसे में तुरेर गांव के समीप जंगल से दो गैस सिलिंडर मिलने के बाद पुलिस उनके स्रोत और इस्तेमाल के संभावित उद्देश्य की जांच कर रही है।
हालांकि, पुलिस प्रशासन के अनुसार, बरामद सिलिंडरों का माओवादी गतिविधियों या किसी अन्य आपराधिक घटना से संबंध होने की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सिलिंडर जंगल में किस उद्देश्य से रखे गए थे।