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झारखंड: परिसीमन के विरोध में आदिवासियों ने बनाया नया संगठन, आरक्षण का अनुपात बनाए रखने की मांग

Sun, 04 Oct 2026 02:08 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड में संभावित परिसीमन के विरोध में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की की पहल पर आदिवासी लोकतांत्रिक अधिकार मोर्चा का गठन हुआ। 20 जिलों के प्रतिनिधियों ने आरक्षित सीटों का मौजूदा अनुपात बनाए रखने और जनजागरण अभियान चलाने का फैसला लिया।
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पूर्व मंत्री बंधु तिर्की - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के संभावित परिसीमन के विरोध में झारखंड के आदिवासियों ने नए संगठन का गठन किया है। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की की पहल पर मोरहाबादी में राज्य के 20 जिलों के आदिवासी प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से 'आदिवासी लोकतांत्रिक अधिकार मोर्चा' के गठन का फैसला लिया गया। यह संगठन अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों में संभावित कटौती के विरोध में व्यापक आंदोलन चलाएगा।

जनप्रतिनिधियों से मुलाकात और जनजागरण अभियान

मोर्चा की बैठक में आरक्षित सीटों की कटौती का विरोध करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया। संगठन के प्रतिनिधि जल्द ही राज्यपाल, नेता प्रतिपक्ष और सभी सांसदों से मुलाकात कर अपनी मांगें रखेंगे। इसके अलावा दशहरा के बाद राज्य के सभी जिलों में जनजागरण बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से समाज के लोगों को परिसीमन से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा।

जनसंख्या के आधार पर परिसीमन का विरोध

पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने बैठक में वर्ष 2007 के घटनाक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय परिसीमन के तहत अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित लोकसभा की एक और विधानसभा की छह सीटें घटाई जा रही थीं। हालांकि, कड़े विरोध के कारण इस प्रक्रिया को रोकना पड़ा था।

उन्होंने कहा कि केवल जनसंख्या को आधार बनाकर परिसीमन करने से आदिवासी समुदाय को भारी नुकसान होगा। दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के आकर झारखंड में बसने के कारण आदिवासी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि यदि परिसीमन होता भी है, तो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का मौजूदा अनुपात बरकरार रखा जाए।

कार्यवाहक समिति का गठन

नवगठित मोर्चा ने अपनी सांगठनिक संरचना तैयार करते हुए शशि पन्ना और लक्ष्मी नारायण मुंडा को मुख्य प्रवक्ता मनोनीत किया है। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाहक समिति का गठन किया गया है।

कार्यवाहक समिति में सभी जिलों को प्रतिनिधित्व

मोर्चा की कार्यवाहक समिति में रांची से दयामनी बारला, रमा खलखो, लक्ष्मीनारायण मुंडा, अजय तिर्की, शशि पन्ना, ज्योत्सना केरकेट्टा, वासवी किड़ो, आलोक कुजूर, नीरज भोगता, अनिल अमिताभ पन्ना, शिव कच्छप और अनिल उरांव को शामिल किया गया है।

खूंटी से दामु मुंडा, चंद्र प्रभात मुंडा, एलिस्टर बोदरा, मार्शल बारला, बिनसय मुंडा, शिबू होरो और बसंत सुरीन को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, गुमला से अल्बर्ट तिग्गा, सेथ कुमार एक्का, मेरी लकड़ा और तूपेन्द्र भगत को समिति में शामिल किया गया है।

लोहरदगा से संगीता उरांव, सीनियरों उरांव और सरिता भगत को, जबकि सिमडेगा से अनूप लकड़ा, सुनील मिंज, डेविड तिर्की और रोहन तिर्की को समिति में जगह दी गई है।

इसके अलावा हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, गढ़वा, पलामू, लातेहार, चाईबासा, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, दुमका, जामतारा, देवघर, पाकुड़ और गिरिडीह के प्रमुख आदिवासी कार्यकर्ताओं को भी कार्यवाहक समिति में शामिल किया गया है।

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