झारखंड सरकार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को देखते हुए जनवितरण प्रणाली के तहत जारी राशन कार्ड में जाति की जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह रोक मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक लागू रहेगी। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस संबंध में सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने यह फैसला चुनावी काम में लगे कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव और आम लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए लिया है।
निर्वाचन कार्य के कारण बढ़ी प्रशासनिक व्यस्तता
राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मिले दावों और आपत्तियों के सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है। जिला उपायुक्तों ने इस काम को समय पर पूरा कराने के लिए अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को निर्वाचन ड्यूटी में लगाया है।
दूसरी ओर राशन कार्ड में जाति की जानकारी अपडेट कराने के लिए बड़ी संख्या में राशन कार्डधारक अंचल और प्रखंड कार्यालयों में जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों के चुनाव संबंधी काम में व्यस्त होने के कारण नए आवेदनों की जांच और जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। इसी प्रशासनिक समस्या को देखते हुए सरकार ने जाति अपडेट की प्रक्रिया फिलहाल रोकने का फैसला किया है।
कर्मचारियों को सिर्फ निर्वाचन कार्य पर ध्यान देने का निर्देश
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के उप सचिव राम कृष्ण कुमार ने राज्य के सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को पत्र भेजकर इस फैसले की जानकारी दी है। विभाग ने बताया कि राशन कार्ड में जाति का विवरण सुधारने को लेकर इससे पहले भी 1 जुलाई और 28 जुलाई को जरूरी निर्देश जारी किए गए थे। अब राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिले नए पत्र के बाद इस प्रक्रिया को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण का नोटिस चरण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को इस अवधि में केवल निर्वाचन से जुड़ी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।
जिला आपूर्ति अधिकारियों को आदेश के पालन के निर्देश
विभाग ने सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक प्रखंड और अंचल स्तर पर राशन कार्ड में जाति अपडेट से जुड़े नए आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार के इस फैसले से निर्वाचन ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे वे मतदाता सूची के दावों और आपत्तियों के सत्यापन का काम बिना किसी अतिरिक्त दबाव के समय पर पूरा कर सकेंगे। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद राशन कार्ड में जाति विवरण अपडेट करने की प्रक्रिया दोबारा सामान्य रूप से शुरू कर दी जाएगी।