विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर रांची में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों और नागरिकों ने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
बीते दिन विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के तत्वावधान में एसआईडीएचए (SIDHA ) एवं वानिकी के विद्यार्थियों के सहयोग से जागरूकता पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना व जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सामूहिक जिम्मेदारी के निर्वहन पर जोर दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने तथा सतत जीवनशैली अपनाने की अपील की।
ये प्रतियोगिताएं हुईं आयोजित
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इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी, रंगोली, निबंध लेखन, चित्रकला एवं कचरे से कलाकृति (आर्ट फ्रॉम वेस्ट) जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सभी प्रतियोगिताएं जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की थीम पर आधारित थीं। प्रतिभागियों ने अपने रचनात्मक कार्यों के माध्यम से पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति गहरी समझ और संवेदनशीलता का परिचय दिया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में जलवायु विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा वैश्विक पर्यावरणीय पहलों से जुड़े प्रश्न शामिल किए गए। वहीं, रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। "कचरे से कलाकृति" प्रतियोगिता ने परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) और संसाधनों के पुनः उपयोग के महत्व को उजागर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और उन्हें पर्यावरण दूत बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिम्मेदार उपभोग, अपशिष्ट में कमी तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी और जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया।