झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 के आयोजन के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जेएसी) के समय बढ़ाने के आग्रह को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने परीक्षा आयोजित करने की नई तारीख 1 नवंबर तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से लंबे समय से परीक्षा की तारीख को लेकर असमंजस का सामना कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। इससे पहले, काउंसिल ने अदालत में हलफनामा दायर कर 11 अक्तूबर को परीक्षा आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई थी। हाईकोर्ट ने अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।
अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान फैसला
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में जेटेट के आयोजन में हो रही देरी को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान जेएसी की ओर से उपस्थित अधिवक्ता कृष्ण मुरारी ने बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय की विस्तृत जानकारी अदालत के सामने रखी। उन्होंने अदालत को बताया कि काउंसिल ने पूर्व में 11 अक्तूबर को परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया था। हालांकि, 11 अक्तूबर को महालया का पर्व है और उसी दिन संघ लोक सेवा आयोग की कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीआरटी) परीक्षा भी निर्धारित है। इन दोनों आयोजनों के एक ही दिन पड़ने से अभ्यर्थियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए काउंसिल ने परीक्षा तिथि को बदलकर 1 नवंबर करने का फैसला किया। इसके लिए काउंसिल ने हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय देने की प्रार्थना की। अदालत ने काउंसिल के इस तर्क और व्यावहारिक कठिनाई को स्वीकार करते हुए परीक्षा की नई समयसीमा को अपनी मंजूरी दे दी। अदालत अब परीक्षा संपन्न होने के बाद 6 नवंबर को मामले की आगे की स्थिति पर समीक्षा करेगी।
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शिक्षा सचिव को शोकॉज नोटिस और नाराजगी
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपने आदेश के बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर जेटेट आयोजित न होने पर बेहद कड़ा रुख अपनाया था। अदालत ने अदालती आदेशों के पालन में अनावश्यक देरी होने पर गहरी नाराजगी जताई थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि न्यायालय के आदेशों के क्रियान्वयन में किसी भी तरह का विलंब स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब तलब किया था। हाईकोर्ट की इस सख्त टिप्पणी और कड़े रुख के बाद ही काउंसिल ने नई समयसीमा का प्रस्ताव तैयार किया और अदालत से अतिरिक्त समय की अनुमति ली।
एक दशक बाद परीक्षा से जागी नियुक्ति की उम्मीद
झारखंड में वर्ष 2016 के बाद पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है। लगभग एक दशक के लंबे समय के बाद हो रही इस परीक्षा का महत्व अभ्यर्थियों के लिए बहुत अधिक बढ़ गया है। राज्यभर के लगभग 4.40 लाख से 4.5 लाख अभ्यर्थी पिछले कई वर्षों से इस पात्रता परीक्षा के आयोजित होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस परीक्षा के सफल आयोजन के बाद राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में सहायक आचार्य के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आएगी। हाईकोर्ट की स्वीकृति मिलने के बाद अब काउंसिल के सामने 1 नवंबर को कराने की मुख्य जिम्मेदारी है। सभी अभ्यर्थी अब परीक्षा केंद्रों से जुड़ी जानकारियों और एडमिट कार्ड जारी होने की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।