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झारखंड: हाईकोर्ट के आदेश पर खुले बोकारो स्टील प्लांट के सभी 11 गेट, आंदोलन में फंसे थे 3,000 कर्मचारी

Mon, 19 Oct 2026 12:07 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बोकारो

सार

झारखंड हाईकोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई करते हुए बोकारो स्टील प्लांट के बंद पड़े सभी 11 गेट खुलवाने का निर्देश दिया। विस्थापित अप्रेंटिस संघ के आंदोलन और नियोजन की मांग को लेकर की गई नाकेबंदी के कारण करीब 3,000 कर्मचारी संयंत्र के अंदर फंस गए थे।
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हाईकोर्ट के आदेश पर खुले बोकारो स्टील प्लांट के सभी 11 गेट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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झारखंड हाईकोर्ट ने रविवार को अवकाश के दिन विशेष सुनवाई करते हुए बोकारो स्टील प्लांट के सभी 11 बंद गेट खुलवाने का निर्देश दिया। विस्थापितों के आंदोलन के कारण संयंत्र के प्रवेश द्वार बंद होने से करीब 3,000 कर्मचारी अंदर फंस गए थे। इससे प्लांट में उत्पादन, कच्चे और तैयार माल की ढुलाई समेत अन्य गतिविधियां ठप हो गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन ने हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संयंत्र का कामकाज सामान्य रूप से संचालित कराने का निर्देश दिया। अदालत ने राज्य सरकार से पूरे मामले पर विस्तृत शपथ पत्र भी मांगा है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सभी गेट खुलवाए गए

विशेष सुनवाई के दौरान बोकारो के जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता जय प्रकाश ने अदालत को मौखिक रूप से बताया कि रविवार सुबह पांच बजे संयंत्र का मुख्य द्वार खुलवा दिया गया था। इसके बाद सुबह 11 बजे तक बंद पड़े सभी 11 प्रवेश द्वार भी प्रशासन ने खुलवा दिए। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को पूरी जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से लिखित रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत ने बोकारो के उपायुक्त को कर्मचारियों की संयंत्र में आवाजाही और कामकाज सुनिश्चित कराने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि हर परिस्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए, ताकि संयंत्र के सामान्य संचालन में किसी तरह की बाधा न आए। अदालत के सख्त रुख और धारा 144 लागू होने के बाद प्रशासन ने गेट खाली कराकर स्थिति सामान्य की। प्लांट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।

नियोजन की मांग को लेकर आठ दिनों से आंदोलन कर रहे थे विस्थापित

बोकारो स्टील प्लांट में विस्थापित अप्रेंटिस संघ पिछले आठ दिनों से अपनी विभिन्न मांगों, खासकर नियोजन की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहा था। शनिवार को आंदोलनकारियों ने अचानक संयंत्र के मुख्य द्वार समेत सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों को जाम कर दिया। इससे कर्मचारियों का प्लांट में प्रवेश करना और बाहर निकलना बाधित हो गया। गेट बंद होने के कारण करीब 3,000 कर्मचारी संयंत्र परिसर के अंदर ही फंस गए। इसके चलते प्लांट में उत्पादन के साथ-साथ कच्चे माल और तैयार माल की ढुलाई भी प्रभावित हुई। संयंत्र की अन्य गतिविधियां भी पूरी तरह ठप हो गई थीं। स्थिति गंभीर होने के बाद प्लांट प्रबंधन ने मामले में तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।

प्रबंधन की याचिका पर रविवार को हुई विशेष सुनवाई

संयंत्र का कामकाज ठप होने और कर्मचारियों के अंदर फंसे रहने की स्थिति को देखते हुए बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन ने झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के लिए अदालत ने रविवार को अवकाश के बावजूद विशेष पीठ के माध्यम से कार्यवाही की। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि संयंत्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए और कर्मचारियों की आवाजाही तथा कामकाज में कोई बाधा नहीं आने दी जाए। अदालत ने राज्य सरकार से मामले की परिस्थितियों और की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।

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