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झारखंड: पलामू में नवजात का शव मिलने से हड़कंप, उत्तम हॉस्पिटल और अल्ट्रासाउंड सेंटर सील

Wed, 28 Oct 2026 03:29 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

पलामू के मेदिनीनगर में नवजात का शव कुत्ते के मुंह में मिलने के मामले में प्रशासन ने उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नवजात की मौत और शव फेंकने के मामले की जांच जारी है।

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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड के पलामू जिले में मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ते के मुंह में नवजात का शव मिलने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद पास स्थित उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उत्तम हॉस्पिटल में प्रसव के बाद नवजात का शव मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में पोस्टमार्टम हाउस की ओर फेंका गया था।

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जांच में सामने आया निजी अस्पताल का मामला
उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के निर्देश पर पुलिस एवं प्रशासन की टीम ने मामले की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास स्थित उत्तम हॉस्पिटल में प्रसव हुआ था। इसके बाद नवजात का शव अस्पताल परिसर में पोस्टमार्टम हाउस की ओर फेंक दिया गया।

सीसीटीवी फुटेज और जांच में सामने आया कि उत्तम हॉस्पिटल से दो महिलाएं नवजात का शव लेकर बाहर निकलीं और उसे पोस्टमार्टम हाउस की ओर फेंक दिया। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित अस्पताल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया।

पोस्टमार्टम हाउस और झाड़ियों में की गई तलाशी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर, पोस्टमार्टम हाउस के आसपास और झाड़ियों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता नवजात का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया। इस घटना से जुड़ी तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में भी दर्ज हुई थीं।

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नवजात की मौत और शव फेंकने के कारणों की जांच जारी
प्रशासनिक टीम अब प्रसव की परिस्थितियों, नवजात की मौत के कारणों और शव को अस्पताल परिसर में फेंकने के पीछे की वजहों की जांच कर रही है। इसके साथ ही इलाज से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने के कथित प्रयास की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और नवजात के शव के निपटान से जुड़े नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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