जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना करते सीएम हेमंत सोरेन
- फोटो : Amar Ujala
झारखंड में नशे के बढ़ते प्रभाव पर रोक लगाने और युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की है। सोमवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हरी झंडी दिखाकर नशामुक्ति जनजागरूकता प्रचार वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर सरकार के कई मंत्री, अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
नशे से दूर रखना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी बाधक बनता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क और प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
नशे के दुष्प्रभावों के प्रति करेंगे जागरूक
अभियान के तहत 80 से अधिक प्रचार वाहनों को राज्य के विभिन्न जिलों में भेजा गया है। ये वाहन शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। प्रचार वाहनों के माध्यम से ऑडियो-वीडियो संदेश, पंपलेट, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री के जरिए लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा।
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यह विशेष अभियान 26 जून, अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न जिलों में जागरूकता रैलियां, संगोष्ठियां, नुक्कड़ नाटक, शपथ ग्रहण कार्यक्रम और जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से विशेष रूप से युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में जनभागीदारी मजबूत होगी। राज्य सरकार ने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील भी की है।