बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर शुक्रवार को खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण हवाई सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई। लगातार बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं की वजह से कुल 12 उड़ान रोटेशन रद्द करने पड़े। इसके कारण, 12 विमानों के आगमन और 12 विमानों के प्रस्थान समेत कुल 24 विमान मूवमेंट प्रभावित हुए। उड़ानों के रद्द और मार्ग परिवर्तित होने से देश के विभिन्न प्रमुख शहरों की यात्रा कर रहे सैकड़ों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। हवाई अड्डे पर उतरने का प्रयास कर रहे कई विमानों को कम दृश्यता और खराब मौसम की वजह से दूसरे शहरों के लिए मार्ग परिवर्तित करना पड़ा।
तीन विमानों का मार्ग परिवर्तित
मौसम की मार सबसे अधिक इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों पर पड़ी। इंडिगो की पुणे से रांची आने वाली उड़ान 6ई 6484 ने बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर उतरने का प्रयास किया। मौसम अनुकूल न होने की स्थिति में विमान को उतरने की अनुमति नहीं मिली और चालक दल को विमान वाराणसी की ओर मोड़ना पड़ा। इसी प्रकार, कोलकाता से रांची आ रही इंडिगो की उड़ान 6ई 7561 भी तेज हवाओं और बारिश के कारण रांची में उतरने में असफल रही, जिसके बाद इसे वापस कोलकाता भेज दिया गया।
दिल्ली से रांची आने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई 6370 को भी शुरुआती प्रयास में असफलता मिलने पर वाराणसी भेजा गया। हालांकि, बाद में मौसम में सुधार होने के बाद यह विमान वाराणसी से लौटकर रांची में सुरक्षित उतर गया। इस दौरान विमान में सवार यात्रियों को काफी समय तक अपने गंतव्य तक पहुंचने का इंतजार करना पड़ा। दूसरी ओर, एयर इंडिया के विमानों के परिचालन में भी हल्की परेशानी दर्ज की गई, लेकिन कंपनी का कोई भी विमान रद्द नहीं हुआ।
भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रांची में शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान 41 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 96 प्रतिशत दर्ज हुई। मौसम विभाग ने रांची और आसपास के कांके क्षेत्र के लिए गर्जन और चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। हवा की रफ्तार अधिक होने के कारण विमानों को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतारने में चालकों को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमानन कंपनियों ने अधिकांश उड़ानों को रद्द करने का फैसला लिया। इस खराब मौसम का असर विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पटना जैसे बड़े शहरों को जाने वाली उड़ानों पर पड़ा।
यात्रियों की बढ़ीं परेशानियां
उड़ानों के अचानक रद्द होने और मार्ग परिवर्तित होने से हवाई अड्डे पर पहुंचे यात्रियों को परेशानियों से जूझना पड़ा। सबसे अधिक असर उन यात्रियों पर पड़ा जिन्हें रांची से आगे दिल्ली, बेंगलुरु, पटना या अन्य दूरस्थ शहरों के लिए कनेक्टिंग उड़ानें पकड़नी थीं। उड़ानें रद्द होने से यात्रियों का पूरा यात्रा कार्यक्रम अस्त-व्यस्त हो गया। कई यात्रियों को अपने टिकट बदलने पड़े, जबकि कई लोग दूसरी उड़ानों में स्थान खोजने के लिए भटकते रहे। हवाई अड्डे पर पहुंचने से पहले उड़ानों के रद्द होने की कोई पूर्व सूचना नहीं मिलने के कारण यात्रियों में गहरा असंतोष देखा गया। हवाई अड्डा परिसर में बड़ी संख्या में यात्री अपनी यात्रा का समय आगे बढ़ाने या रिफंड प्राप्त करने की प्रक्रियाओं के लिए कतारों में खड़े नजर आए।